Haryana Monsoon Update: मानसून की रफ्तार पड़ी धीमी, जुलाई तक करना पड़ सकता है इंतजार,पढ़े अपडेट 

On: June 23, 2026 3:41 PM
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मानसून की रफ्तार पड़ी धीमी, जुलाई तक करना पड़ सकता है इंतजार,पढ़े अपडेट 

Haryana Monsoon Update: हरियाणा के लोगों को मानसून के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से प्री-मानसून गतिविधियों के कारण मौसम सुहावना बना हुआ है, लेकिन दक्षिण-पश्चिम मानसून की धीमी चाल ने किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून तय समय से देर से हरियाणा में दस्तक दे सकता है।

प्री-मानसून बारिश से मिली गर्मी से राहत

प्रदेश के कई जिलों में बीते दिनों हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद और आसपास के इलाकों में हुई बूंदाबांदी के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली। लगातार बदलते मौसम ने भीषण गर्मी और लू के असर को काफी हद तक कम कर दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जून के महीने में इस बार मौसम अपेक्षाकृत नरम रहा। कई स्थानों पर बादलों की आवाजाही और रुक-रुककर हुई बारिश ने दिन के तापमान को नियंत्रित रखा, जिससे लोगों को राहत मिली।

हरियाणा में क्यों लेट हो रहा है मानसून?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति इस समय सामान्य से धीमी बनी हुई है। देश के कई हिस्सों में मानसूनी हवाओं की रफ्तार कमजोर पड़ने के कारण उत्तर भारत की ओर इसका विस्तार अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा है। यही वजह है कि हरियाणा में मानसून के आगमन की संभावनाएं फिलहाल कमजोर नजर आ रही हैं।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि जून के अंतिम सप्ताह तक मानसून की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। ऐसे में प्रदेशवासियों को जुलाई के शुरुआती दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है।

किसानों की नजरें मानसून पर टिकीं

हरियाणा की कृषि अर्थव्यवस्था काफी हद तक मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है। धान, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक आने के कारण किसान अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं। यदि मानसून में ज्यादा देरी होती है तो खेती-किसानी की तैयारियों पर असर पड़ सकता है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है। यदि आगामी दिनों में मौसम प्रणाली सक्रिय होती है तो मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को पर्याप्त बारिश मिल सकती है।

27 जून के बाद बदल सकते हैं मौसम के समीकरण

मौसम विभाग से जुड़े जानकारों का मानना है कि जून के आखिरी सप्ताह में एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय होने की संभावना बन रही है। यह सिस्टम मानसून को नई गति दे सकता है। इसके प्रभाव से बादलों की गतिविधियां बढ़ेंगी और कई जिलों में बारिश के नए दौर की शुरुआत हो सकती है।

यदि यह मौसम प्रणाली मजबूत रहती है तो जुलाई के पहले सप्ताह में हरियाणा में मानसून की औपचारिक एंट्री का रास्ता साफ हो सकता है।

लोगों को फिलहाल उमस से करना होगा सामना

बारिश की संभावना के बीच प्रदेश में उमस का स्तर लगातार बढ़ रहा है। सुबह और शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत राहतभरा रह सकता है, लेकिन दिन के समय नमी बढ़ने से लोगों को चिपचिपी गर्मी महसूस हो सकती है।

फिलहाल हरियाणा के लोगों की नजरें मानसून की अगली चाल पर टिकी हैं। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि इस बार प्रदेश में मानसून कब दस्तक देगा और बारिश का सीजन कितना असरदार रहने वाला है।

Sunil Chauhan

सुनील चौहान हरियाणा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र की खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव है वर्तमान में वे Best24News के साथ जुड़े हुए हैं ताजा और विश्वसनीय खबरें प्रकाशित कर रहे हैं।

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