धारूहेड़ा: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने निलंबित BDPO सुरजीत सिंहद्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार के 22 जुलाई के निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति निधि गुप्ता की अदालत में हुई, जहां हरियाणा सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया।

सुनवाई के दौरान हरियाणा पक्ष के अधिवक्ता ने अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए समय देने का आग्रह किया। अदालत ने यह मांग स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर 2026 के लिए निर्धारित की गई है। बता दे कि याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सकाल सिकरी ने पक्ष रखा, जबकि हरियाणा सरकार की ओर से डीएजी तेवर शर्मा अदालत में उपस्थित रहे। हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश से याचिकाकर्ता को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। मामले में राज्य सरकार द्वारा जवाब दाखिल किए जाने के बाद अगली सुनवाई में विस्तृत बहस होने की संभावना है।
राजनीति का शिकार बना बीडीपीओ:
बीडीपीओ (खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी) के निलंबन मामले में नया मोड़ आ गया है। बीडीपीओ के अधिवक्ता (Advocate) ने सीधे तौर पर प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि उनके मुवक्किल को गहरी ‘राजनीति का शिकार’ बनाया गया है।
अधिवक्ता का दावा है कि विभागीय स्तर पर बीडीपीओ के खिलाफ न तो कोई आरोप सिद्ध हुआ है और न ही उन्हें अपनी सफाई देने का निष्पक्ष मौका दिया गया। निलंबन का आदेश जारी करने से पहले बीडीपीओ को कोई भी ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी नहीं किया गया, जो कि किसी भी प्रशासनिक प्रक्रिया का प्राथमिक चरण होता है।












