हरियाणा: अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में आयोजित होगी। वह 24 जुलाई से शुरू हो रहे कॉमनवेल्थ पैरा गेम्स में अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट शर्मिला भी भाग लेंगी। जिले के लिए सबसे गर्व की बात यह है कि रेवाड़ी जिले की खिलाडी शर्मिला इस प्रतियोगिता के लिए चयनित हरियाणा की एकमात्र पैरा खिलाड़ी हैं।
रेवाड़ी में खुशी की लहर
खेल मंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत देश का गौरव बढ़ाती है। शर्मिला पिछले तीन महीनों से तैयारी कर रही थीं। बता दे कि स्कॉटलैंड के ग्लासगो शहर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट में शर्मिला बताभारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनके चयन से जिले और पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है। शर्मिला 23 जुलाई को भारतीय दल के साथ स्कॉटलैंड के लिए रवाना होंगी।

वह 27 जुलाई को अपनी स्पर्धा में पदक जीतने के इरादे से मैदान में उतरेंगी। दिल्ली में हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम ने भारतीय टीम को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर कई पूर्व खिलाड़ी और गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। सभी ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। खेल मंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत देश का गौरव बढ़ाती है। शर्मिला पिछले तीन महीनों से तैयारी कर रही थीं।
पहला पति करता था मारपीट, दूसरा पति बना प्रेरणा
मेरा पति शराब पीकर मुझसे मारपीट करता था। आज भी जब मैं उस बारे में सोचती हूं तो कांप उठती हूं। दूसरी बेटी के जन्म के एक महीने बाद जब बात हद से बाहर निकल गई तब मेरे घर वाले मुझे वापस ले आए। मैं 6 साल तक मायके में रही। बाद में मेरे माता-पिता ने मेरी दूसरी शादी करवाई। मैं काफी डरी हुई थी, लेकिन मेरे दूसरे पति ने मेरी सोच को ही बदल कर रख दिया। उन्होंने मुझे दोनों बेटियों के साथ अपनाया और मुझे पैरा खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। मैंने 34 साल की उम्र में दूसरे पति की प्रेरणा के कारण ही खेलना शुरू किया,
कैटेगरी: F57 (शॉट पुट और डिस्कस थ्रो)
।उपलब्धियां: 2026 फाजा इंटरनेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड और ब्रॉन्ज़ मेडल जीत चुकी हैं। इसके अलावा, बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स और हांग्जो 2023 एशियन पैरा गेम्स में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।बता दे कि 34 वर्ष की उम्र में अपने खेल करियर की शुरुआत करने वाली शर्मिला ने घरेलू हिंसा और अत्यधिक गरीबी जैसी विपरीत परिस्थितियों को पीछे छोड़ते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।
खिलाडी शर्मिला जीवन उपलब्धियां और राष्ट्रीय रिकॉर्ड:
- वर्ष 2021 में पैरालंपिक/नेशनल पैरा चैंपियनशिप में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता था।
- बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स: इंग्लैंड के बर्मिंघम में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में वह एफ-57 कैटेगरी के शॉट पुट में चौथे स्थान पर रहीं थीं।
- एशियन पैरा गेम्स: चीन के हांगझोऊ में आयोजित 2023 पैरा एशियन गेम्स में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान हासिल किया था।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं: दुबई पैरा एथलीट चैंपियनशिप और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) केंद्र बेंगलुरु में अभ्यास करते हुए उन्होंने विश्व स्तर पर कई शीर्ष प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। रेवाड़ी के राव तुलाराम स्टेडियम में कड़ा अभ्यास करने वाली शर्मिला आज देश की उन महिलाओं के लिए एक मिसाल हैं जो विपरीत परिस्थितियों के बाद भी अपने सपनों को पूरा करती हैं।
भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षण केंद्र में तैयारी जारी
शर्मिला ने बेंगलुरु स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रशिक्षण केंद्र में तैयारी की। उन्होंने अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में तकनीकी और शारीरिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। उनकी मेहनत से उन्हें कॉमनवेल्थ पैरा गेम्स में प्रतिनिधित्व का अवसर मिला। इससे पहले उनका चयन 57वीं नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए भी हुआ था।













