
Haryana News: स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत डोमेस्टिक ब्रिडिंग चेकर (डीबीसी) कर्मियों ने एमसीडी दिल्ली की तरह 12 माह का निंरतर कार्यकाल व समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित किए जाने समेत अपनी मांगों को लेकर रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपा।रेवाड़ी विधायक ने डीबीसी कर्मियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग को प्रमुखता के साथ मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा तथा उनकी मांगों को पूरा कराने की जमकर पैरवी भी की जाएगी।Haryana News
MLA Rewari Laxman Yadav को सौंपे ज्ञापन में डीबीसी कर्मियों ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों से जनता की रक्षा में अग्रिम पंक्ति के योद्धा के रूप में कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में जब भी संक्रमण का खतरा बढ़ा है, डीबीसी कर्मियों ने घर-घर जाकर लार्वा जांच, सोर्स रिडक्शन, जागरुकता अभियान व नियंत्रण गतिविधियों को अंजाम देकर महामारी को रोकने में अहम भूमिका निभाई है।
लेकिन दुख का विषय है कि वेतन भुगतान में कई-कई महीनों की देरी कर्मियों को आर्थिक व मानसिक संकट की स्थिति में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी जनता की सेहत बचाने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, उनके अपने परिवार परेशानी झेलने को विवश है। उन्होंने मांग की कि एमसीडी दिल्ली की तर्ज पर हरियाणा के सभी डीबीसी कर्मियों को 12 माह का निरंतर कार्यकाल दिया जाए।
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आंदोलन की चेतावनी: सभी जिलों में समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा डीबीसी कर्मियों को स्वास्थ्य विभाग के स्थायी ढांचे में शामिल किया जाए। डीबीसी कर्मियों ने चेताया है कि यदि उनकी उचित मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे प्रदेश स्तर पर लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
