Satya Niketan Incident: दिल्ली (Best24News): दिल्ली पुलिस को एक बडी सफलता मिली है। दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला पीजी (PG) इमारत गिरने के दर्दनाक हादसे में दिल्ली पुलिस को सोमवार को बड़ी कामयाबी मिली है। हादसे के बाद से ही लगातार फरार चल रहे इमारत के मालिक हरि ओम बंसल को दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से दबोच लिया है।
लुकआउट नोटिस जारी कर तलाश में जुटी थीं कई टीमें
हादसे के बाद से ही आरोपी मकान मालिक पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की कई टीमों को उसकी धरपकड़ के लिए तैनात किया गया था। पुलिस ने आरोपी के देश छोड़कर भागने की आशंका के चलते उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस (Lookout Notice) भी जारी किया था। लगातार सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस की टीम ने पड़ोसी राज्य राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी में दबिश देकर उसे धर दबोचा।Satya Niketan Incident

जानिए क्या था पूरा मामला?
सत्य निकेतन इलाके में स्थित एक पांच मंजिला पीजी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी, जिसमें कई लोग मलबे में दब गए थे। हादसे के बाद नगर निगम और पुलिस की शुरुआती जांच में इमारत के निर्माण और रखरखाव में गंभीर लापरवाहियां सामने आई थीं। पुलिस ने आरोपी मालिक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर इमारत के अवैध निर्माण और मरम्मत कार्य में बरती गई लापरवाहियों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
महीनों से चल रहा था निर्माण कार्य
जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में पीजी चल रहा था, वहां पिछले कुछ समय से मरम्मत और निर्माण का काम चल रहा था। खास तौर पर बेसमेंट में काम किए जाने की बात सामने आई है। बता दे कि भारी बारिश के कारण बेसमेंट में पानी जमा होने और लगातार निर्माण कार्य से इमारत की संरचना कमजोर होने की आशंका जांच में सामने आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी प्रारंभिक तौर पर बेसमेंट में पानी भरने से ढांचे पर असर पड़ने की बात कही थी।
गुरुग्राम में आलीशान कोठी
बता दे कि सत्य निकेतन इलाके में गिरने वाली बिल्डिंग का मालिक हरिराम बंसल का घर गुरुग्राम के सेक्टर-23 में है। यहां पॉश इलाके में उसने आलीशान कोठी बना रखी है। बताया जा रहा है कि वह यहां लंबे समय से रह रहा था। इसी इलाके के मार्केट में उसकी एक हार्डवेयर की दुकान भी है, जहां कल वह हादसे के समय बैठा हुआ था।
इसके अलावा गुरुग्राम के इसी पॉश इलाके में उसके बेटे-बेटी भी रहते हैं और उसके पास कुल 4 से 5 प्रॉपर्टीज हैं। सोमवार सुबह जब उसे गुरुग्राम के घर पर पुलिस पहुंची तो यहां कोई नहीं था। लेकिन बाहर से ही उसके घर को देखकर उसके ठाठ-बाट का अंदाजा लगाया जा सकता है। लेकिन पुलिस ने उसे भिवाड़ी से काबू कर ही लिया है

MCD के ये 5 अधिकारी सस्पेंड
बता दे भयंकर दर्दनाक हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने MCD के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड भी किया है। इन अधिकारियों के सस्पेंसन की चिट्ठी जारी कर दी गई है। निलंबित किए गए अधिकारियों में MCD में साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, साउथ जोन के SE रणवीर सिंह, साउथ जोन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (बिल्डिंग) ललित कुमार, साउथ जोन के अस्सिटेंट इंजीनियर (बिल्डिंग), सुनील चौहान साउथ जोन के जूनियर इंजीनियर (बिल्डिंग) और आशीष कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। क्योंकि इनकी लापरवाही व सही जांच नही होने के चलते ये हादसा हुआ है।











