हरियाणा के किसानों के लिए खेती से जुड़ी एक बड़ी राहत की घोषणा की गई है। मौसम की मार से होने वाले नुकसान को कम करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कई अहम बदलाव लागू किए हैं। अब अगर किसान फसल की कटाई के बाद उसे कुछ दिनों तक खेत में रखते हैं और इसी दौरान बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि या चक्रवाती मौसम से नुकसान हो जाता है, तो भी उन्हें बीमा योजना का लाभ मिल सकेगा। सरकार का मानना है कि यह फैसला किसानों की आर्थिक सुरक्षा को पहले से ज्यादा मजबूत बनाएगा।
कटाई के बाद कितने दिनों तक मिलेगी बीमा सुरक्षा?
नई व्यवस्था के अनुसार कटाई के बाद खेत में रखी फसल को अधिकतम 14 दिनों तक बीमा सुरक्षा मिलेगी। यदि इस अवधि में प्राकृतिक आपदाओं की वजह से फसल खराब होती है तो किसान निर्धारित प्रक्रिया के तहत बीमा दावा कर सकेंगे। पहले कटाई के बाद नुकसान होने की स्थिति में किसानों को राहत मिलने की संभावना काफी सीमित रहती थी।
किन फसलों को मिलेगा योजना का फायदा?
सरकार ने खरीफ और रबी दोनों सीजन की प्रमुख फसलों को योजना में शामिल किया है। खरीफ में धान, बाजरा, मक्का, कपास और मूंग, जबकि रबी में गेहूं, जौ, चना, सरसों और सूरजमुखी की खेती करने वाले किसान इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।यदि फसल को सूखा, बाढ़, जलभराव, ओलावृष्टि, तेज आंधी, चक्रवाती बारिश, कीट या रोगों के कारण नुकसान होता है तो बीमा योजना के तहत दावा किया जा सकेगा। स्थानीय स्तर पर होने वाली प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित फसलें भी इस सुरक्षा दायरे में रहेंगी।
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नुकसान होने पर क्या करना होगा?
फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना संबंधित पोर्टल, हेल्पलाइन या अधिकृत मोबाइल एप के माध्यम से दर्ज करानी होगी। समय पर सूचना देने पर ही बीमा दावा प्रक्रिया शुरू होगी।योजना के तहत किसानों पर प्रीमियम का बोझ सीमित रखा गया है। खरीफ फसलों के लिए 2 प्रतिशत, रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत और कपास के लिए 5 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। शेष राशि केंद्र और राज्य सरकार साझा रूप से वहन करेंगी।
दावा भुगतान में देरी हुई तो क्या होगा?
सरकार ने बीमा कंपनियों के लिए भी जवाबदेही तय की है। यदि निर्धारित समय में किसानों के दावों का निपटारा नहीं किया जाता है तो कंपनी को 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करना होगा। इससे किसानों को समय पर मुआवजा मिलने की व्यवस्था और मजबूत होगी।खरीफ फसलों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। वहीं रबी सीजन के लिए किसान 31 दिसंबर 2026 तक योजना में पंजीकरण कराकर बीमा का लाभ ले सकते हैं।
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