Best24News: रेवाड़ी जिले की कोसली पुलिस ने कोरोना काल में विद्यार्थियों को फर्जी सेकेंडरी सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने क वाले मास्टर माइंड आरोपी को छह साल बाद गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी राजमान गौड़ के रूप में हुई है। आरोपी ने 92 स्कूलों के 129 विद्यार्थियों के प्रमाणपत्र फर्जी उपलब्ध करवाए गए थे।
जानिए कितने आरोपी पहले हो चुके गिरफ्तार: बता दे कि कोसली थाने में 10 अगस्त 2022 को फर्जी सेकेंडरी सर्टिफिकेट उपलब्ध का केस दर्ज हुआ था। जांच के दौरान रेवाड़ी जिले में फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए परीक्षा पास करने वाले 19 विद्यार्थियों की जानकारी सामने आई। इन विद्यार्थियों को फर्जी सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने वाले आरोपियों की पुलिस ने तलाश शुरू की।
ये किए थे गिरफ्तार: इस मामले में पुलिस पहले ही जतिन, नरेश शर्मा, दलीप गोस्वामी, आशीष, पवन कुमार, मुकेश कुमार, अशोक कुमार, गौरव गुप्ता, औमकुवार, आरुषी श्रीवास्तव उर्फ कोकिल श्रीवास्तव, राकेश कुमार और सुशांत सिंह उर्फ कुंवर प्रशांत सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। अब पुलिस ने संलिप्त राजमान गौड़ को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर फर्जी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।
129 को दिए थे फर्जी प्रमाणपत्र : हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की जांच में प्रदेश के 92 स्कूलों के 129 विद्यार्थियों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए थे। इनमें रेवाड़ी जिले से फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए परीक्षा पास करने वाले 19 विद्यार्थी शामिल थे। मामले में विद्यार्थियों को फर्जी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जारी है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। मामले में पुलिस अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।












