Breaking News:: रेवाड़ी: हरियाणा में हर जिले में जिला प्रशासन द्वारा सार्वजनिक डीलिंग शाखाओं में कार्यरत लिपिकों के स्थानांतरण के लिए लागू ड्रा सिस्टम लागू कर दिया गया है। लेकिन रेवाड़ी में ड्रा सिस्टम् पर लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप लगाया है कि 22 मई को निकाले गए ड्रा में चयनित लिपिक बादल कुमार का नाम बाद में जारी सूची से हटा दिया गया, जो निर्धारित नियमों के विपरीत है। अब सवाल यह है यह नाम कैसे गायब हुआ । इसको लेकर अधिकारियो ने चुप्पी साधी हुई है।Breaking News:

22 मई को हुआ था ड्रा: बता दे रेवाड़ी में उपायुक्त द्वारा लगभग 10 माह पूर्व पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ड्रा सिस्टम लागू किया गया था, जिसके तहत प्रत्येक छह माह में सार्वजनिक डीलिंग वाले कर्मचारियों का स्थानांतरण किया जाना तय किया गया था। 22 मई को हुए ड्रा में बादल कुमार का स्थानांतरण आरसी तहसील रेवाड़ी के लिए निर्धारित हुआ था।Breaking News

ड्रा में आया नाम कैसे हटा: आरोप है कि बाद में उपायुक्त एवं सीटीएम कार्यालय द्वारा जारी सूची में उनका नाम हटा दिया गया। कि इससे ड्रा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया है तथा प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
जांच करवाने की मांग: न कि पूरे मामले की जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए तथा ड्रा में निकले परिणाम को नियमों के अनुसार लागू किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी भी कर्मचारी के स्थानांतरण में ड्रा प्रक्रिया से छेड़छाड़ न हो।Breaking News

हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। साफ जाहिर है कहीं न कहीं प्रशासन में इस तरह की अनदेखी की गई है। ड्रा के नाम पर किए जाने वाले इस खेल को लेकर कर्मचारियो मे रोष है।Breaking News





















