धारूहेड़ा: कस्बे में हल्की सी बरसात के बाद ही ओवरफ्लो हो रहे नालों और जमा गंदगी को लेकर नगरपालिका प्रशासन आखिरकार हरकत में आ गया है। बता दे कि 17 जुलाई को इस समाचार जागरण प्रमुखता से समायार प्रकाशित किया था कि गंदगी से अटे नाले, सफाई की मांग। इतना ही मंगलवार की हुई बारिश से जलभराव की फोटो भी प्रकाशित की थी।
नालों की सफाई का कार्य शुरू
बता दे ही हर साल मानसून आने से नपा की ओर से नालो की नियमित सफाई करवाई जाती है ताकि बारिश के चलते जलभराव नही हो। लेकिन इस साल उपायुक्त के आदेश के बावजूद नालों की सफाई नहीं की गई थी। इतना ही नहीं नालो की सफाई कागजों में दिखाकर बिल पास करवाने का प्रयास किया जा रहा है। लेकिन लोगो की शिकायतें मिलने पर सफाई का बिल पास नहीं हो सका।

धारूहेड़ा: कस्बे में नालों की सफाई करते कर्मचारी… जागा नपा प्रशासन
इसके बाद नगरपालिका प्रशासन जागा और कस्बे के प्रमुख नालों की सफाई का कार्य युद्धस्तर पर शुरू करवा दिया है। बता दे मानसून आ चुकी है लेकिन धारूहेड़ा में नालों की नियमित सफाई न होने के कारण वे गंदगी और गाद से अटे पड़े थे। इसके चलते मामूली बारिश होते ही नाले ओवरफ्लो होकर सड़कों पर बहने लगते थे, जिससे राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जलभराव के कारण सड़कों पर बदबू और बीमारियां फैलने का डर भी बना हुआ था।
गंदगी से अटे नाले: जहा नगपालिका प्रशासन दावे कर रहा था कि नालों की सफाई हो चुकी है लेकिन कुछ ही नालो की सफाई हुई थी। नालो की सफाई होने के चलते जगह जगह धारूहेड़ा में जलभराव हो रहा था। लोगे भी नालों के ओवरफ्लों का विरोध कर रहे थे क्योंकि थोडी सी बारिश होती ही गलिया तालाब बर जाती थी।
उठे कई सवाल: लोगों का यह भी कहना है मानसून से पहले कम कम से कम एक माह पहले सफाई करवानी चाहिए ताकि पूरे धारूहेड़ा के सारो नालो की सफाई हो सके। अब बरसात का मौसम आ चुका है। सफाई टीम एक दो दिन सफाई करते ओर बरसात का नाम लेकर छोड देगी। लोगो ने कहा कि नियमित हर नाले की सफाई करवाई जाए ताकि जलभराव से राहत मिल सके।













