Breaking News: रेवाड़ी में मानसून की दस्तक से पहले शहर की सफाई व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। प्रशासन की ओर से नालों और सीवरेज लाइनों की सफाई के लिए सख्त निर्देश दिए गए थे, लेकिन जमीनी हालात उम्मीद के मुताबिक नहीं मिले।
निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर अधूरी सफाई सामने आने के बाद अधिकारियों ने संबंधित विभागों से जवाब मांगा है। ऐसे में शहरवासियों की चिंता भी बढ़ गई है कि यदि समय रहते काम पूरा नहीं हुआ तो पहली तेज बारिश में जलभराव की समस्या दोबारा खड़ी हो सकती है।
निरीक्षण में कई जगह मिली अधूरी तैयारी
रेवाड़ी के एसडीएम एवं नोडल अधिकारी सुरेश कुमार ने शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि कई प्रमुख स्थानों पर नालों की सफाई अभी तक पूरी नहीं हुई है। खासकर सर्कुलर रोड जैसे व्यस्त इलाके में सफाई कार्य बेहद धीमा नजर आया।
वहीं मुख्य बाजारों में भी केवल सीमित हिस्से की सफाई होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। अधिकारियों का मानना है कि यदि इसी गति से काम चलता रहा तो बरसात के दौरान लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
30 जून तक रिपोर्ट देने का था आदेश
जिला प्रशासन ने मानसून से पहले सभी संवेदनशील स्थानों की सफाई सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया था। सभी अधिकारियों को अपनी-अपनी साइट का निरीक्षण कर 30 जून तक विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपने और निर्धारित समय सीमा के भीतर सफाई कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए थे। प्रशासन अब इन रिपोर्टों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
61 संवेदनशील साइटों पर प्रशासन की नजर
रेवाड़ी जिले में जलभराव की आशंका वाले कुल 61 स्थानों को चिन्हित किया गया है। इनमें नगर परिषद रेवाड़ी के साथ-साथ बावल और धारूहेड़ा नगर पालिका क्षेत्र भी शामिल हैं।
हर साइट की जिम्मेदारी अलग-अलग अधिकारियों को दी गई है ताकि किसी भी स्थान पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे। जिला प्रशासन का कहना है कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ तय समय में कार्य पूरा करें।
अधिकारियों को बांटी गई अलग-अलग जिम्मेदारी
प्रशासन ने रेवाड़ी, बावल, धारूहेड़ा और कोसली क्षेत्र के लिए अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। कुछ महत्वपूर्ण ड्रेनों और जल निकासी वाले क्षेत्रों की निगरानी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है, जबकि अन्य स्थानों की जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम और विभागीय अधिकारियों के पास है। उद्देश्य यह है कि किसी भी क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था प्रभावित न हो।
स्थानीय लोगों की बढ़ी चिंता
रेवाड़ी के कई इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान सड़कों और बाजारों में पानी भरने की समस्या सामने आती है। दुकानदारों और राहगीरों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
लोगों का मानना है कि यदि नालों और सीवरेज की समय पर सफाई नहीं हुई तो इस बार भी हालात पहले जैसे बन सकते हैं। इसलिए प्रशासन को केवल निरीक्षण तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर काम पूरा कराना चाहिए।
बरसात से पहले प्रशासन पर बढ़ी जिम्मेदारी
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में हरियाणा के कई जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में रेवाड़ी प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती जलभराव से बचाव की है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित विभाग तय समय के भीतर सफाई कार्य पूरा कर पाते हैं या नहीं। यदि समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हुईं तो पहली ही तेज बारिश शहर की तैयारियों की असली तस्वीर सामने ला सकती है।













