धारूहेड़ा। नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में रेवाड़ी की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने आरोपी मनीष को दोषी करार देते हुए 20 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. मैनपाल रामावत की अदालत ने सुनाया।
करीब एक साल चला केस: पुलिस के अनुसार, सेक्टर-6 धारूहेड़ा थाना क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने 11 जून 2025 को शिकायत दी थी कि उसकी 14 वर्षीय बेटी सुबह करीब 4 बजे घर से बिना बताए चली गई और वापस नहीं लौटी। परिजनों की तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने 14 जून को नाबालिग को बरामद कर लिया।
दोषियों को सुनाई सजा: पुलिस के मुताबिक, नाबालिग ने अपने बयान में मनीष नाम के युवक पर बहला-फुसलाकर खाटूश्याम ले जाने और वहां एक धर्मशाला में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ीं और आरोपी मनीष को गिरफ्तार कर लिया। मामले में पुलिस की ओर से की गई पैरवी के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।













