रेवाड़ी। गणपति महोत्सव को लेकर शहर में श्रद्धालुओं का उत्साह है। मंदिरों, कॉलोनियों और सोसाइटियों में गणपति बप्पा की स्थापना के साथ धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया है। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों के साथ गणपति की सवारी निकालकर विधिवत पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमाओं को विराजमान करा रहे हैं। यह गणेश महोत्सव 11 दिनों तक चलेगा और अनंत चतुर्दशी (25 सितंबर 2026) के दिन मूर्तियों के विसर्जन के साथ संपन्न होगा।
शुभ योग में मनाया जाएगा जन्म उत्सव
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस बार गणेश चतुर्थी बहुत ही शुभ मानी जा रही है क्योंकि इस दिन रवि योग बन रहा है। इसके अलावा गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी के बीच 10 दिनों में कई विशेष ग्रह योग निर्माण कर रहे हैं। गुरु इस समय कर्क राशि में उच्च के हैं और शनि मीन राशि में वक्री स्थिति में बैठे हुए हैं।
वास्तु के हिसाब से सजाएं घर: गणेश चतुर्थी पर गजानंद गणपति महाराज को प्रसन्न करने के लिए घर सजाते वक्त अपने मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण, स्वास्तिक का चिह्न बना सकते हैं। साथ ही मुख्य द्वार पर रंगोली बनाना भी बहुत शुभ माना जाता है. ऐसा करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है और जीवन में हमेशा खुशहाली बनी रहती है.।
मंगलमूर्ति भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए गणेश चतुर्थी पर वास्तु के अनुसार भगवान की प्रतिमा स्थापित करते समय लकड़ी से निर्मित चौकी का प्रयोग करना चाहिए। साथ ही चौकी को उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए. उस पर पीले या लाल रंग का वस्त्र जरूर बिछाना चाहिए। इस तरीके से भगवान गणेश की चौकी को सजाना बेहद उत्तम और फलदायी माना गया है।
ढोल-नगाड़ों के साथ निकली गणपति की सवारी: शहर के छीपटवाड़ा मोहल्ले में गणेशोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। लक्ष्मी नारायण मंदिर में गणपति प्रतिमा को विराजमान कराने से पहले श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ गणपति की सवारी निकाली। सवारी छीपटवाड़ा पानी की टंकी और खासापुरा मोहल्ले के विभिन्न हिस्सों से होते हुए निकली। ढोल-नगाड़ों और बाजे-गाजे के साथ बप्पा की मूर्तियां पंडालों और घरों में लाई जा रही हैं
श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए सवारी में भाग लिया। इसके बाद गणपति की परिक्रमा कराकर प्रतिमा को विधिवत रूप से लक्ष्मी नारायण मंदिर में विराजमान कराया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर गणपति बप्पा से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
गणेश चतुर्थी का पर्व भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता हैं। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर श्रद्धालु घरों में बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा करते हैं। गणपति के स्वागत के लिए लोग घर को फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सजाते हैं। अगर आप भी पहली बार घर में गणेश प्रतिमा स्थापित करने जा रहे हैं, तो सजावट करते समय वास्तु के कुछ नियमों का ध्यान जरूर रखें। मान्यता है कि सही दिशा और उचित सजावट से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और भगवान गणेश की कृपा से सुख-समृद्धि आती है।

एलिगेंट हाइट सोसाइटी बप्पा के स्वागत में सजी: रेवाड़ी के गढ़ी बोलनी रोड स्थित एलिगेंट हाइट सोसाइटी में गणेशोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। नई शक्ति समिति की ओर से सोसाइटी के क्लब हाउस में गणपति की डेढ़ दिन के लिए स्थापना की गई है। सोमवार को श्रद्धालु गणपति बप्पा की प्रतिमा लेकर सोसाइटी पहुंचे और विधिवत पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमा को विराजमान कराया।
सोसाइटी में बनाए गए प्राकृतिक कुंड में गणपति की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया जाएगा। गणपति स्थापना को लेकर सोसाइटी परिसर में विशेष सजावट की गई है और श्रद्धालु उत्साह के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं।
छीपटवाड़ा मोहल्ले में ढोल-नगाड़ों के साथ निकली गणपति की सवारी
शहर के छीपटवाड़ा मोहल्ले में गणेशोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। लक्ष्मी नारायण मंदिर में गणपति प्रतिमा को विराजमान कराने से पहले श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ गणपति की सवारी निकाली। सवारी छीपटवाड़ा पानी की टंकी और खासापुरा मोहल्ले के विभिन्न हिस्सों से होते हुए निकली।
श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए सवारी में भाग लिया। इसके बाद गणपति की परिक्रमा कराकर प्रतिमा को विधिवत रूप से लक्ष्मी नारायण मंदिर में विराजमान कराया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर गणपति बप्पा से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।













