रेवाड़ी एसडीएम के तबादले को लेकर चला आ रहा वकीलों का विवाद बुधवार शाम को समाप्त हो गया। सरकार ने एसडीएम सुरेश कुमार का तबादला कर दिया है। उनकी जगह पर नूंह के डीएमसी दलबीर सिंह को लगाया गया है। अब आगे क्या होगा इसके लिए वकीलो की बैठक करके मंथन किया जाएगा। 10 दिन रेवाड़ी के कोर्ट व तहसील में सब काम बंद रहे जिससे लाखों रूपए का नुकसान हो गया हैं
10 दिन से बैठे हडताल पर वकील: बता दे एडीएम तबादल की मांग का लेकर 20 जुलाई से वकीलों ने कामकाज ठप्प धरना शुरू कर दिया था। तीन दिन बाद यानि 23 जुलाई को एसडीएम सुरेश कुमार को छुट्टी पर भेजकर वकीलों को शांत करने का प्रयास किया गया है। लेकिन वकीलों ने विरोध जारी रखा, जिसके बाद अब यानि बुधवार को एसडीएम के तबादले का आर्डर आ गया है।
डीसी को ज्ञापन देने व जुलूस निकाले पर टूटी नीदं
हालाकि पिछले 10 दिन से वकीलों ने कामकाज ठप्प कर दिया था। बार एसोसिएशन ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए थे इसी को लेकर तबादले की मांग की थी। काफी दिन बीत जाने के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो 20 जुलाई से वकीलों ने कामकाज ठप्प धरना शुरू कर दिया था। इतना ही नहीं मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम डीसी को ज्ञापन भी सौंपा गया था। जिसमें एक ही मांग रखी गई कि एसडीएम का यहां से तबादला किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन के बाद बना दबाब: वैसे तो मामला अप्रेल का है लेकिन सरकार वकीलों की मांगा को लेकर गंभीर नहीं थी। जब जुलाई में उनकी आवाज बुलंद हई तब जाकर उनकी नींद टूटी है।
इतना ही नहीं बुधवार को रेवाड़ी,धारूहेड़ा, डहीना, मनेठी और पाल्हावास तहसील के वकीलों ने भी कामकाज बंद रखा, जिससे रजिस्ट्रेशन कार्य बाधित हुआ। बुधवार को सुबह के समय जिला न्यायिक परिसर में वकीलों ने नारेबाजी की और कहा कि उनकी मांग केवल तबादले की है। साथ ही चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई, तो पूरे हरियाणा में धरना होगा।
कई महीने पहले चल रह रहा था विवाद
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्वामित्र यादव ने कहा कि एसडीएम के तबादले की सूचना मिली है। इसको लेकर बृहस्पतिवार को धरना स्थल पर बार एसोसिएशन की बैठक बुलाई गई है। उसमें धरना समाप्त करने को लेकर निर्णय लिया जाएगा। बता दें कि 16 अप्रैल से वकीलों और एसडीएम सुरेश कुमार के बीच विवाद चला आ रहा था।














