IGU (Best24News) रेवाड़ी। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर और साइबर थ्रेट हरियाणा, पानीपत के बीच साइबर सुरक्षा एवं तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, डिजिटल तकनीक और डिजिटल फॉरेंसिक के क्षेत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने कहा कि मौजूदा समय में साइबर सुरक्षा और डिजिटल फॉरेंसिक की जरूरत लगातार बढ़ रही है। एमओयू से विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ साइबर क्षेत्र की व्यावहारिक चुनौतियों को समझने और उनसे निपटने का अवसर मिलेगा।
आईजीयू के कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने बताया कि समझौते के तहत विश्वविद्यालय में साइबर सिक्योरिटी एंड लॉ और डिप्लोमा इन डिजिटल फॉरेंसिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। विद्यार्थियों को प्रशिक्षण, विशेषज्ञ व्याख्यान, कार्यशालाओं और अन्य अकादमिक गतिविधियों के माध्यम से तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक कौशल दिया जाएगा।
साइबर सुरक्षा पाठ्यक्रम में साइबर अपराधों की रोकथाम, नेटवर्क एवं सूचना सुरक्षा, क्रिप्टोग्राफी, एथिकल हैकिंग, क्लाउड और मोबाइल सिक्योरिटी तथा साइबर लॉ जैसे विषय शामिल होंगे। वहीं डिजिटल फॉरेंसिक पाठ्यक्रम में डिजिटल उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पहचान, संग्रह व संरक्षण के साथ कंप्यूटर एवं मोबाइल फॉरेंसिक, मैलवेयर फॉरेंसिक और वैज्ञानिक विश्लेषण का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पाठ्यक्रमों में प्रैक्टिकल लैब, केस स्टडी, सिमुलेशन और उद्योग आधारित प्रशिक्षण पर भी जोर रहेगा।
साइबर थ्रेट हरियाणा, पानीपत के निदेशक सनी त्यागी ने कहा कि यह समझौता साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं को तैयार करने और शिक्षा तथा उद्योग के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद करेगा। इस अवसर पर प्रो. सुनील कुमार, प्रो. पंकज कुमार त्यागी, प्रो. रश्मि पुंडीर, प्रो. सतेंद्र बल गुप्ता सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।













