
Haryana News: हरियाणा के जिला रेवाड़ी में तीन शिक्षकों ने समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए नेत्रदान का संकल्प लेकर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। बहरामपुर भड़ंगी के मास्टर अशोक कुमार, नंगली गोधा के मास्टर गजेंद्र सिंह और नारायणपुर के मास्टर राकेश कुमार ने दृष्टिहीन लोगों के जीवन में रोशनी लाने के उद्देश्य से अपनी आंखें दान करने का निर्णय लिया है।
तीनों शिक्षकों ने सिविल अस्पताल पहुंचकर विधिवत रूप से नेत्रदान से संबंधित आवेदन पत्र भरा और इस पुनीत कार्य के लिए अपनी सहमति दर्ज कराई।मास्टर राकेश कुमार ने बताया कि यह निर्णय उन्होंने आपसी विचार-विमर्श के बाद स्वेच्छा से लिया है। उनका मानना है कि शिक्षा देने के साथ-साथ समाज को सकारात्मक दिशा दिखाना भी शिक्षक का कर्तव्य है।Haryana News
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उन्होंने कहा कि नेत्रदान ऐसा कार्य है, जिससे मृत्यु के बाद भी किसी के जीवन में उजाला लाया जा सकता है। आंखों के दान से दो लोगों को नई दृष्टि मिल सकती है, जो किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने यह भी कहा कि अंगदान को लेकर समाज में अभी भी कई भ्रांतियां हैं, जिन्हें दूर करने की जरूरत है।
अच्छी पहल: अन्य दोनों शिक्षकों ने भी इस पहल को मानवीय संवेदना से जुड़ा कदम बताया। उनका कहना है कि यदि अधिक से अधिक लोग नेत्रदान का संकल्प लें तो देश में दृष्टिहीनता की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।Haryana News
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सिविल अस्पताल प्रशासन ने भी शिक्षकों की इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे कदम दूसरों को भी प्रेरित करते हैं। शिक्षकों की यह पहल न केवल शिक्षा जगत बल्कि पूरे समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है, जो मानवता और सेवा भावना को मजबूत करती है।Haryana News
