शनिवार, 7 नवम्बर 2026

Haryana News: रेवाड़ी में सूचना के अधिकार का उठाया मजाक, जानिए क्या है सूचना का अधिकार ?

Written by: सुनील चौहान

Published:

Haryana News:  हरियााणा के रेवाड़ी में एक अजीब मामला सामने आया हैं। सूचना के अधिकार का सरेआम मजाक उड़ाया जा रहा है। रेवाड़ी के एक युवक ने 200 रुपये रजिस्ट्री करने के…


रेवाड़ी में सूचना के अधिकार का उठाया मजाक, जानिए क्या है सूचना का अधिकार
रेवाड़ी में सूचना के अधिकार का उठाया मजाक, जानिए क्या है सूचना का अधिकार
Google News Follow us on Google

Haryana News:  हरियााणा के रेवाड़ी में एक अजीब मामला सामने आया हैं। सूचना के अधिकार का सरेआम मजाक उड़ाया जा रहा है। रेवाड़ी के एक युवक ने 200 रुपये रजिस्ट्री करने के लिए और दो रुपये प्रति कागज के हिसाब से दो हजार जमा कराए थे लेकिन जवाब में उसे सिर्फ खानापूर्ति की गई है। पैसे लेने के बावजूद जवाब में सफेद कागज देकर गुमराह किया जा रहा है।

Advertisement

जानिए क्या है मामला: बता दे कि गांव चिल्हड़ के रहने वाले अशोक कुमार का आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2022 से लेकिन 21 जुलाई 2025 तक के सरपंच द्वारा कराए गए विकास कार्यों, विभिन्न माध्यमों से मिली विकास राशि, खर्च किए गए विवरण मांगा था। इसके लिए निर्धारित शुल्क दो हजार रुपये भी बैंक के माध्यम से जमा करा दिए गए थे। इसके जवाब के रूप में करीब 900 पेज दिए गए।Haryana News

 

Advertisement

ये भी पढ़ें:Breaking News: सोशल मिडिया से हुई थी दोस्ती, फिर खेला ऐसा खेल, अब दोनों पकडे गए ?

इसमें कोई बिल्कुल सफेद कागज हैं तो कोई काला प्रिंट है जो बिल्कुल समझ नहीं आ रहा है। अशोक कुमार ने बताया कि अब फिर से संबंधित अधिकारियों को सही जानकारी उपलब्ध कराने की गुहार लगाई गई है। पंकज सिंह एडवोकेट ने बताया कि संबंधित अधिकारी सही जानकारी देने के बजाय लोगों को गुमराह कर रहे हैं।

जानिए क्या है सूचना का अधिकार : संविधान में सूचना के अधिकार को धारा 19 (1) के तहत एक मूलभूत अधिकार का दर्जा दिया गया है। धारा 19 (1) के तहत हर एक नागरिक को बोलने और अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता दी गई है और साथ ही उसे यह भी जानने का अधिकार है कि सरकार कार्य कैसे करती है, इसकी क्या भूमिका है। यह अधिनियम हर नागरिक को सरकार से इनफार्मेशन लेना या प्रश्न पूछने का अधिकार देता है।

ये भी पढ़ें:रेवाड़ी पुलिस ने बाजार में किया पैदल मार्ग्, जानिए दुकानदारों से क्या कहा ?

जानिए क्या है नियम: भारत का कोई भी नागरिक, इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत किसी भी सरकारी प्राधिकरण से सूचना प्राप्त करने की अपील कर सकता है। इस सूचना को 30 दिनों तक उपलब्ध कराया जाना होता है। इतना ही नहीं जो सूचना मांगी गई है वह जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से संबंधित है तो ऐसी सूचना को 48 घंटे के अंदर ही उपलब्ध कराने का प्रावधान है।Haryana News

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

संबंधित खबरें

WhatsApp