Haryana News: धारूहेड़ा: पिछले 10 दिन से सुर्खियो में चल रहे वार्ड 16 के पार्षद चुनाव को लेकर रेवाड़ी की अदालत ने बडा फैसला (Rewari Court) सुनाया है। बता दे कि वार्ड 16 से महज तीन वोट से हारी प्रत्याशी दीपा रस्तोगी की ओर से मतदान में धांधली का आरोप लगाते हुए शपथ पर स्टे लेने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। बुधवार को रेवाड़ी अदालत ने स्टे देने से ( Manisha saini Oath stay refused) इंकार करते हुए मनीषा Saini को राहत दी तथा आगामी सुनवाई 21 जुलाई को होगी।
बता दे कि सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अमित वर्मा की अदालत में मंगलवार दोनो पक्षो के वकीलो में बहस के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया गया था। 10 मई को हुए नगर पालिका के 18 वार्ड व चेयरमैन के लिए चुनाव हुए थे। वहीं परिणाम 13 मई को घोषित किए गए थे। दीपा रस्तोगी ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया कि मतदान प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और कुछ ऐसे मतदाताओं के वोट डलवाए गए जो मतदान के समय अस्पताल में भर्ती थे।Haryana News
मामले में रिटर्निंग ऑफिसर एसडीएम और नगर पालिका को भी पार्टी बनाया गया है। इसी को लेकर सभी की कोर्ट में तारिखे भी लगी तथा उनके ब्यान भी दर्ज किए गए। इसी को लेकर ये वार्ड चर्चा में आया हुआ था। पूरे धारूहेड़ा में यही चर्चा थी कि मनीषा का ताज बचेगा या नहीं। इतना ही नहीं इसको लेकर लोग कामेंट भी कर रहे है।
मनीषा सैनी लेगी शपथ: बता दे नपा धारूहेड़ा के वार्ड मेंबर व चेयरमैन के चुनाव रेवाड़ी के साथ करवाए दिए है। अभी 17 जून तक पहले नगर मेंबरो का कार्यकाल बचा हुआ है। Dharuhera शपथ समारोह को लेकर अभी तक कोई अधिसूचना भी जारी नही की गई है। लेकिन कोर्ट ने ये साफ कह दिया है (Election Commission) चुनाव आयोग मनीषा Saini (Ward 16 Parshad )को कभी भी शपथ (Oath) दिला सकता है। जनता के जिताये हुए पार्षद की शपथ लेने पर कोई रोक नहीं है। यानि वह शपथ ले सकती है। क्योंकि शपथ को लेकर कोर्ट ने कहा है वह शपथ लेगी उसे जनता ने जिताया है।
जानिए कैसे पहुंचा कोर्ट: बता दे कि 13 मई को महज तीन वोट से हारने पर दीपा को बडा झटका लगा था। उसने पहले रेवाड़ी एसडीएम कोर्ट में अपनी शिकायत दी लेकिन एसडीएम से उसकी अपील को लेने से इंनकार दिया। उसके बाद दीपा ने हाई कोर्ट की शरण ली। उसके बाद ये केस रेवाडी कोर्ट में शामिल किया गया तथा 9 जून को सभी पक्षो के ब्यान दर्ज किए गए थे।
ये बने गवाह: बता दे दीपी के आरोप में उस समय ज्यादा दम आग गया जब वोटिंग के दिन 10 मई को राकेश कुमार, गुरुपाल सिंह एक निजी अस्पताल के आईसीयू और सोनिया धारूहेड़ा के एक अस्पताल में भर्ती होने कहते हुए दीपा के पक्ष गवाह बन गए।Haryana News
मतदान के दौरान अस्पताल में भर्ती तीनों मरीजों की वोट पोल करवा दी गई। अपनी याचिका में दीपा ने आरओ एसडीएम और नपा को भी पार्टी बनाया है। हालांकि एसडीएम सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश नहीं हो पाए। अब सवाल यह भी है जिस गुरूपाल की ओर से किसी दूसरे को वोट देने का आरोप लगाया जा रहा है वहीं एजेंट की लिस्ट मे गुरूपाल के नाम पर कोई निशान नहीं लगा है यानि उसकी वोट नहीं डाली गई है। ऐसे में गुरूपाल की गवाई भी अब कटघरे में आ गई है।Haryana News
धारूहेड़ा नपा फिर आई चर्चा में: साल 2020 में नपा पहले चेयरमैन चुनाव को लेकर पूरी हरियाणा में चर्चा में आई थी। कंवर सिंह पूर्व चेयरमैन को हाई कोर्ट से जीत मिलने पर शपथ दिलाई गई थी। अब एक बार फिर धारूहेडा नपा का वार्ड 16 चर्चा में आ गया है।Haryana News
क्या कहते है मनीषा के वकील: मनीषा सेनी के वकील रमेश कामरेड ने बताया कि अदालत की ओर से मनीषा सैनी की शपथ को लेकर स्टे देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि जनता ने उसे जिताया ऐसे में उसे शपथ लेने से रोका नही जा सकता है। आगे 21 जुलाई को सुनवाई होगी। जो आरोप लगाए है उनके गवाए पेश होने के बाद आगे फैसला सुनाया जाएगा।
क्या कहती है याचिका कर्ता: दीपा के पति ने कहा कि अदालत ने इस केस को लेकर 21 जुलाई तारिख दी है। फिलहाल अदालत के आदेश की कॉपी लोड नही हो रही है। हमें अदालत के निर्णण पर पूरा भरोसा है।Haryana News
जो जीता वही सिंकदर: चुनाव अधिकारी ने जिसे जीता दिया वह आज तक कोर्ट से कभी भी नही जीता है। चाहे कितने ही सबूत हो लेकिन जो फैसला चुनाव अधिकारी ने कर दिया उसे हराने के लिए पांच साल निकल जाएंगे। सबसे अहम बात यह है मनीषा सैनी जब शपथ ही ले लेगी तो फिर उसके उसके पद से हटाना आसान नहीं है













