हरियाणा: हरियाणा शिक्षा विभाग एक बार बडी कार्रवाई करने जा रहा है। शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के मानदंडों की पालना नहीं करने वाले को हरियाणा शिक्षा विभाग ने 1,107 निजी स्कूलों को ब्लॉक कर दिया है। सबसे अहम बात यह है इन स्कूलो सबसे ज्यादा स्कूल गुरूग्राम के ही हैं।
ब्लैकलिस्ट के लिए बनाई तीन केटेगिरी
बता दे कि हरियाणा शिक्षा विभाग इस बार ब्लैकलिस्ट किए गए स्कूलों को तीन वर्गो में बांटा गया है। इतना ही नहीं जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी (DEEO) से मंजूरी मिलने के बावजूद, अस्थायी मान्यता का विस्तार न होने के कारण कुल 145 स्कूलों को प्रतिबंधित कर दिया गया। RTI प्रक्रिया के तहत 693 अन्य स्कूलों को “गैर-अंतिम” के रूप में चिह्नित किया गया, जबकि डीईओ द्वारा अस्वीकृत किए जाने के बाद 269 स्कूलों को रोक दिया गया।

क्या है आरटीई? शिक्षा का अधिकार अधिनियम यानी RTE Act-2009 देश के प्रत्येक 6 से 14 वर्ष के बच्चे को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देता है. इस कानून की धारा 12(1)(c) के अनुसार निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों को प्रवेश स्तर की कक्षा (नर्सरी, केजी या पहली कक्षा, जैसा लागू हो) में कम से कम 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और वंचित वर्ग (DG) के बच्चों के लिए आरक्षित करनी होती हैं. इन बच्चों की फीस का भुगतान सरकार तय नियमों के अनुसार करती है, इसलिए किसी भी पात्र बच्चे को केवल आर्थिक स्थिति के आधार पर प्रवेश से वंचित नहीं किया जा सकता ।
प्रवेश प्रक्रिया पर रोक
सूत्रों के अनुसार, प्रवेश प्रक्रिया निलंबित कर दी जाएगी और बुनियादी ढांचे, मान्यता संबंधी आवश्यकताओं के अनुपालन और अन्य निर्धारित मानकों का आकलन करने के लिए संबंधित स्कूलों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। अनियमितताएं पाए जाने पर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानिए जिला वाईज स्कूलो की सूची
बता दे कि हरियाणा कैथल में सबसे अधिक 162 स्कूल अवरुद्ध पाए गए, जिनमें से 126 को डीईओ ने अस्वीकार कर दिया था, जो राज्य में इस तरह की सबसे बड़ी संख्या है। गुरुग्राम में 99, हिसार में 98 और पानीपत में 92 स्कूल अवरुद्ध पाए गए। भिवानी में 76, फरीदाबाद में 70 और जिंद में 67 स्कूल अवरुद्ध पाए गए।
अन्य उल्लेखनीय संख्या वाले जिलों में रोहतक (63), करनाल (57), यमुनानगर (51) और सोनीपत (45) शामिल हैं। रेवाड़ी (16), सिरसा (16), नूंह (15), पंचकुला (14) और फतेहाबाद (10) में कम मामले सामने आए।
अभिभावक जरूर घ्यान दें: शिक्षा विभाग ने अभिभावको से अपील की है वे दाखिला लेते समय अपने जिले के शिक्षा विभाग के कार्यालय से एक बार जरूर स्कूल की स्थिति जान लें कहीं ऐसा न हा कि उनकी फीस बरबाद हो जाए।
सूत्रों ने बताया, “एमआईएस पर स्कूलों को ब्लॉक करने से आरटीई प्रवेश प्रक्रिया में उनकी भागीदारी प्रभावित होगी, जब तक कि मान्यता, दस्तावेज़ीकरण या विभागीय अनुमोदन से संबंधित लंबित मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता।”
शिक्षा निदेशालय की जांच में खुलासा: शिक्षा निदेशालय की जांच में सामने आया कि 22 जिलों के 1107 निजी स्कूल मान्यता संबंधी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके और आरटीई नियमों के पालन में भी गंभीर खामियां मिलीं है। इसके बाद हरियाणा सरकार ने इन स्कूलों को ब्लैकलिस्ट कर दिया.। सरकार ने इनकी नई एडमिशन लेने की शक्ति समाप्त कर दी। यानि अब इन स्कलो में दाखिले नहीं किए जाएंगे।
हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ का विरोध: हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने सरकार के कदम पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि “निजी स्कूल RTE के विरोध में नहीं हैं और अधिकांश स्कूल नियमों का पालन करते हैं। कई मामलों में ऑनलाइन पोर्टल, दस्तावेजों के सत्यापन और सीट आवंटन की प्रक्रिया में तकनीकी व प्रशासनिक समस्याओं के कारण प्रवेश पूरा नहीं हो सका हैं। ऐसे इनका दोबारा मौका दिय जाना चाहिए।











