धारूहेड़ा: 20 साल पुराना है नर्वदेश्वर शिव मंदिर, सावन में उमड़ती है शिव भक्तों की भीड़

On: August 7, 2026 8:19 PM
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धारूहेड़ा: 20 साल पुराना है नर्वदेश्वर शिव मंदिर, सावन में उमड़ती है शिव भक्तों की भीड़

धारूहेड़ा (Best24News): औधोगिक कस्बे धारूहेड़ा के सेक्टर-4ए स्थित नर्वदेश्वर शिव मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है। करीब 20 साल पुराने इस मंदिर में सुबह से लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। विशेषकर सावन माह में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए यहाँ भारी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। इस मंदिर में सेक्टर-4 के साथ-साथ सेक्टर-6 और आसपास की कॉलोनियों से भी श्रद्धालु मत् टेकने आते हैं।

मंदिर का इतिहास और विकास

सेक्टर-4ए के बसने के बाद शुरुआती दौर में पार्क के पास लोग पूजा-अर्चना करने आते थे। सेक्टर में अन्य कोई मंदिर न होने के कारण वर्ष 2006 में स्थानीय निवासियों ने चंदा एकत्र कर इस मंदिर की स्थापना की। समय के साथ यह छोटा सा मंदिर अब एक भव्य रूप ले चुका है। मंदिर प्रबंधन ने धार्मिक विस्तार करते हुए करीब एक साल पहले यहाँ बजरंगबली (हनुमान जी) की मूर्ति की भी स्थापना की है।

कैसे पहुंचे मंदिर?

धारूहेड़ा बस स्टैंड से इस मंदिर तक मात्र 5 से 10 मिनट में आसानी से पहुंचा जा सकता है। बस अड्डे से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह मंदिर भिवाड़ी मार्ग पर आंबेडकर पार्क के पास स्थित है। यहाँ आने-जाने के लिए ऑटो और दोपहिया वाहन आसानी से मिल जाते हैं।

धार्मिक आयोजन और सेवाएं

मंदिर कमेटी की ओर से सालभर विभिन्न धार्मिक उत्सवों का आयोजन किया जाता है महाशिवरात्रि, सावन मास के विभिन्न सोमवार और जन्माष्टमी पर विशेष अनुष्ठान होते हैं। सावन माह में कांवड़ लेकर आने वाले शिव भक्तों के लिए विशेष सेवा शिविर और ठहरने की पुख्ता व्यवस्था कमेटी द्वारा की जाती है।मंदिर स्थापना दिवस के अवसर पर समय-समय पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है।

“मंदिर में सुबह-शाम श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। भोलेनाथ के प्रति श्रद्धा रखने वालों की यहाँ हर मनोकामना पूर्ण होती है। मंदिर की देखरेख के लिए एक कमेटी बनाई गई है, जो हर महीने बैठक कर कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करती है। मैं इस मंदिर से वर्षों से जुड़ी हूँ।”
— बीरोसिता देवी, श्रद्धालु

“सावन मास के दौरान सुबह से ही मंदिर के कपाट खुल जाते हैं और सालभर धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलता रहता है। कांवड़ियों के ठहरने के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है। मंदिर के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है।”
— शिव कुमार, पुजारी

Harsh Chauhan

मेरा नाम हर्ष चौहान है। मैं Best24News में कंटेंट राइटर के लगभग 4 सालों से काम रहा हूँ । मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगों तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो।

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