धारूहेड़ा: प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में यशोधारा सोसायटी की ओर से संचालित बायो-इनपुट रिसोर्स सेंटर (BRC) का विभागीय अधिकारियों ने निरीक्षण किया। यह केंद्र राष्ट्रीय प्राकृतिक कृषि मिशन (NMNF) के तहत प्रदेश में चयनित दो BRC केंद्रों में शामिल है। केंद्र राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर डाउनटाउन रिसोर्ट के पास खलियावास में संचालित किया जा रहा है।

केंद्र की फिजिकल वैरिफिकेशन एवं निरीक्षण के लिए S.D.A.O. डॉ. अजित कुमार, S.D.A.O. डॉ. कुड़ाराम, DDA रेवाड़ी के डॉ. मनोज वर्मा, T.A. तथा विभागीय स्टाफ पहुंचा। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर तैयार किए जा रहे और उपलब्ध प्राकृतिक कृषि इनपुट की जानकारी ली गई। इनमें जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, वर्मीकम्पोस्ट, सरसों खल, दशपर्णी अर्क, खट्टी लस्सी तथा सब्जियों एवं अन्य फसलों के गुणवत्तापूर्ण बीज शामिल हैं।

अधिकारियों ने किसानों को दिए जा रहे प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण, व्यावहारिक मार्गदर्शन और खेत स्तर पर प्राकृतिक कृषि तकनीकों को अपनाने के प्रयासों की भी जानकारी ली। सोसायटी की ओर से बताया गया कि BRC के माध्यम से किसानों को स्थानीय स्तर पर प्राकृतिक कृषि इनपुट, गुणवत्तापूर्ण बीज और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि किसान प्राकृतिक कृषि तकनीकों को खेतों में व्यावहारिक रूप से अपना सकें।












