रेवाड़ी: ब्रिटिश शासनकाल से लेकर आजादी के बाद तक विभिन्न संस्थाओं, मिशनरियों और संगठनों को किए गए सरकारी भूमि आवंटनों का रिकॉर्ड सार्वजनिक करने और उनकी कानूनी स्थिति की समीक्षा कराने की मांग कैलाश चंद एडवोकेट ने केंद्र सरकार के समक्ष उठाई है। उन्होंने कहा कि देशभर में पुराने भूमि आवंटनों की जांच कराई जानी चाहिए और जिन मामलों में लीज अवधि समाप्त हो चुकी है या आवंटन की शर्तों का उल्लंघन हुआ है, उनमें संबंधित कानूनों के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
भूमि आवंटन समझौतों की हो जाच: कैलाश चंद एडवोकेट ने मांग की कि ब्रिटिश काल से अब तक हुए सरकारी भूमि आवंटनों का रिकॉर्ड एकत्रित किया जाए। इसमें संस्था का नाम, जमीन का क्षेत्रफल, आवंटन का वर्ष, लीज की अवधि, आवंटन का उद्देश्य और निर्धारित शर्तों का विवरण शामिल किया जाए। उन्होंने मिशनरियों, धार्मिक संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संगठनों को दी गई जमीनों के पुराने पट्टों, सनदों, सरकारी आदेशों और भूमि आवंटन समझौतों की भी जांच की मांग की।
उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि ब्रिटिश शासनकाल में सरकारी जमीन किन संस्थाओं को, किस उद्देश्य से और किन शर्तों पर दी गई थी। साथ ही वर्तमान में संबंधित जमीन का उपयोग मूल आवंटन के उद्देश्य के अनुसार हो रहा है या नहीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार पुराने दस्तावेजों को वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड से मिलाकर भूमि की मौजूदा कानूनी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
एडवोकेट कैलाश चंद ने कहा कि जिन संस्थाओं को निश्चित अवधि के लिए सरकारी जमीन लीज पर दी गई थी, उनकी लीज अवधि समाप्त होने के बाद संबंधित दस्तावेजों और शर्तों की समीक्षा होनी चाहिए। यदि कानून के अनुसार जमीन वापस लेने का आधार बनता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने निर्धारित उद्देश्य से अलग भूमि उपयोग या अनधिकृत कब्जे के मामलों की भी जांच कराने की मांग की।
भूमि आवंटनों का विस्तृत ब्यौरा मांगा: उन्होंने केंद्र सरकार से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पुराने भूमि आवंटनों का विस्तृत ब्यौरा मंगवाने की मांग की। कैलाश चंद ने कहा कि सरकारी जमीन सार्वजनिक संपत्ति है और उसका उपयोग कानून तथा निर्धारित उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी भूमि पर कार्रवाई दस्तावेजों, वर्तमान अधिकारों और संबंधित पक्षों को नियमानुसार सुनवाई का अवसर देने के बाद ही की जानी चाहिए।












