
Breaking News: हरियाणा में इनकम टैक्स और जीएसटी संग्रह के मामले में रेवाड़ी ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। लोग सोच नहीं सकते थे राजस्व में हरियाणा में पिछडा होने के बावजूद जिला रेवाड़ी ये रिकोड बना सकता है। जी हां आप भी चौक गए होगें कि रेवाड़ी वालो ने ऐसा कर दिया हैंBreaking News
बता दे हरियाणा में 3271 करोड़ रुपये के जीएसटी संग्रह के साथ जिला अब गुरुग्राम के बाद प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा टैक्स योगदानकर्ता बन गया है। इस उपलब्धि में बावल आईएमटी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जो उत्तर भारत के प्रमुख ऑटो हब के रूप में उभरा है।Breaking News
पीतल नगरी ने बनाया इतिहास: हरियाणा में कभी पीतल नगरी के रूप में पहचाने जाने वाले रेवाड़ी की नई पहचान अब उद्योग और टैक्स योगदान से जुड़ गई है। रेवाड़ी का बावल आईएमटी उत्तर भारत में ऑटो उद्योग का बड़ा केंद्र बन चुका है। धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र का भी इसमें अहम योगदान है। औद्योगिक निवेश बढ़ने से आयकरदाताओं की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है।
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जनिए कितना टैक्स भरा जिला वासियों ने: वित्तीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में प्रदेश का CESS (मूल कर की राशि पर लगाया जाने वाला एक अतिरिक्त कर) लगभग 22 प्रतिशत बढ़ा है। वहीं रेवाड़ी में 23.17 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और CESS संग्रह 1144.37 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मार्च 2026 में जिले के CESS संग्रह में 159 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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वित्त वर्ष 2023-24 में रेवाड़ी का कुल कर संग्रह 3427.25 करोड़ रुपये था। वर्तमान में हरियाणा 48289 करोड़ रुपये के SGST रिटर्न के साथ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।Breaking News
गुरूग्राम है टॉप पर: बता दे कि हरियाणा में कुल जीएसटी संग्रह का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अकेले गुरुग्राम से आता है। वहीं अब दूसरे स्थान पर रेवाड़ी पहुंच गया है। फरीदाबाद, सोनीपत और पानीपत भी राज्य के प्रमुख जीएसटी संग्रह करने वाले जिलों में गिने जाते हैं। बडे गर्व की बात है छोटा जिला होने के बावजूद रेवाड़ी ने बहुत बडी ग्रोथ की है।
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