
धारूहेड़ा (Best24News) हरियाणा में पिछले कई दिनों से ताबड तोड बारिश हो रही थी। इसी के चलते अक्टूबर के शुरूआत में वायु प्रदूषण नहीं था। लेकिन अब और आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ता वायु प्रदूषण एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। मौसम के बदलाव (तापमान में गिरावट और धीमी हवा) के साथ औद्योगिक धुएं, निर्माण धूल और ट्रैफिक के मिश्रण ने स्थिति को बेहद चिंताजनक बना दिया है।
बता दे धारूहेड़ा में आज बुधवार को जहरीले गैस लोगो के आफत बनती जा रही है। बुधवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स का 306 के पार जाना ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में आता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। हवा की गति धीमी होने के कारण PM 2.5 और PM 10 कण धरातल के करीब एकत्र होकर घने स्मॉग (Smog) का निर्माण कर रहे हैं।
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औद्योगिक इकाइयों और फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं इस जहरीली गैस का कारण माना जा रहा है। इतना ही नहीं दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) पर वाहनों की अत्यधिक आवाजाही और पुराने/अवैध वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन से भी वायु प्रदुषण हो रहा है। टूटी सड़कों व निर्माण कार्यों से उड़ती धूल तथा अवैध रूप से कचरा जलाना आजकल आम हो गया है। चिकित्सकों के अनुसार बाहर निकलते समय N95 या N99 मास्क का प्रयोग करें। साधारण कपड़े का मास्क PM 2.5 कणों को रोकने में प्रभावी नहीं होता। जब तक AQI में सुधार नहीं होता, तब तक सुबह और देर शाम को आउटडोर एक्सरसाइज या वॉक करने से परहेज करें।
इंडोर एयर क्वालिटी: घर के खिड़की-दरवाजे मुख्य रूप से सुबह और शाम के समय बंद रखें। यदि संभव हो तो एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। तुलसी, अदरक, और गुड़ का सेवन श्वसन तंत्र को धूल-धुएं के प्रभाव से बचाने में मदद करता है। लोगो ने नगर पालिका और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मुख्य मार्गों (विशेषकर NH-48 और औद्योगिक क्षेत्रों) पर एंटी-स्मॉग गन और पानी के टैंकरों से नियमित छिड़काव बढ़ाना चाहिए।
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दिल्ली-NCR में क्यों हुआ GRAP-2 लागू: बता दें कि दिल्ली-NCR में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण यानी GRAP-2 को लागू कर दिया है। राजधानी की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंचने के बाद यह फैसला लिया गया है। CAQM के मुताबिक, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 31 अक्टूबर 2026 को 117 दर्ज किया गया था, जो 1 नवंबर को बढ़कर 261 और 2 नवंबर को 324 तक पहुंच गया। इस तरह महज दो दिनों में राजधानी की हवा की गुणवत्ता में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है।
