शनिवार, 24 अक्टूबर 2026

मसानी बैराज के पानी को लेकर आंदोलन हुआ तेज, जीतपुरा से करेंगे पदयात्रा की शुरुआत

Written by: सुनील चौहान

Published:

मसानी बैराज के पानी के समाधान हेतु हस्ताक्षर अभियान के बाद अब लोगो में चेतना लाने के लिए कमल यादव और उनकी टीम जनचेतना यात्रा की शुरुआत कर रही है । रविवार…


मसानी बैराज को वेटलैंड घोषित कराने के लिए छिड़ेगी जंग, इस दिन 26 गांवों में शुरू होगा अभियान
मसानी बैराज को वेटलैंड घोषित कराने के लिए छिड़ेगी जंग, इस दिन 26 गांवों में शुरू होगा अभियान
Google News Follow us on Google

मसानी बैराज के पानी के समाधान हेतु हस्ताक्षर अभियान के बाद अब लोगो में चेतना लाने के लिए कमल यादव और उनकी टीम जनचेतना यात्रा की शुरुआत कर रही है । रविवार को गांव जीतपुरा से इस पदयात्रा का आगाज करेंगे।

Advertisement

ये रहेगा पदयात्रा का शेडयूल: पद यात्रा तितरपुर मसानी रसगन डूंगरवास निखरी निगानियावास रालियावास पंचगांव फिर जड़थल माता के मंदिर के पहंचेगी तथा वही पर इस यात्रा का समापन किया जाएगा।

इस दिन शुरू किया गया था हस्ताक्षर अभियान: बता दे कि 5 अप्रैल से लगातार हर गांव में जा कर लोगो को जागरूक कर रहे है। जिससे पानी के दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी पहुचे और सरकार को चेताया जाए की अब यहा के लोग जाग चुके है और इनको समाधान चाइए ही चाइए।

Advertisement

ये भी पढ़ें:गुरुग्राम में मेगा रोजगार मेला 23 अक्टूबर को, जानिए रिक्त पद व योग्यता

हज़ारो लोगो ने हस्ताक्षर कर इस मुहिम से जुड़ कर अपनी आवाज उठाने का काम किया है । तक़रीबन 5 हज़ार से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर कर इस मुहिम में हिस्सा लिया । लोगो में अब एक जूनून जाग चुका है वे इस समस्या को लेकर जागरूक हो चुके है इसी लिए इसी अभियान में लोगो की संख्या बढती जा रही है।

अब पदयात्रा से लोगो में जोश और जुनून पैदा होगा जिससे आने वाली पीढ़ी को बचाने के प्रयास तेज़ होंगे सरकार का ध्यान खिच कर जल्द कारवाही की माँग सब रख रहे है मुख्य तीन माँग को लेकर बार बार ज़ोर दिया जा रहा है

ये भी पढ़ें:4600 करोड़ से बनने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण अटका: जानिए अब क्या है स्थिति?

पहली माँग: साहबी बैराज का पानी पूरी तेरह से साफ़ किया जाए जो एसटीपी प्लांट लगाने की बातें सरकार द्वारा की जा रही है उनकी संख्या बढ़ायी जाए जिससे पानी जल्दी साफ़ हो और पानी किसानों के काम भी आ सके ।

दूसरी मांग: पानी का स्तर सिर्फ 4 फुट से ज़्यादा ना रखा जाए जिससे पुराने पक्षी जो लिप्त हो गए वो वापस अपनी जगह आ सके। फिर से ये बैराज स्वच्छ को मनमोहक बन सके।

तीसरी मांग: कैमिकल युक्त पानी बंद किया जाए और जो पाइपलाइन रेवाड़ी धारूहेड़ा भिवाड़ी या बावल से लाने की बातें हो रही है उन्हें अंडरग्राउंड ही ड्रेनेज 8 में डाल दिया जाए। जिससे यहा के भू जल पर कोई फर्क ना पड़े ।

ये भी पढ़ें:हरियाणा में प्राकृतिक खेती को बड़ा बढ़ावा: 10% पंचायती जमीन पट्टे पर देगी सरकार

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

संबंधित खबरें

WhatsApp