NH 48: दिल्ली जयुपर हाईवे पर लगने वाले जाम अब रोजाना गहराता जा रहा है। आये दिन लगने वाले जाम का मामला अब हरियाणा मानव अधिकार आयोग पहुंच गया है। लंबे समय से यातायात व्यवस्था से जूझ रहे धारूहेड़ा क्षेत्र के लोगों की शिकायत पर आयोग ने संज्ञान लेते हुए रेवाड़ी एसपी से रिपोर्ट तलब की है। इतना ही नहीं इस मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर 2026 को गुरुग्राम स्थित नए पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित कैंप कोर्ट में होगी।

हर दिन लगता है जाम: बता दे कि एनएच-48 जैसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात नियमों की अनदेखी से न केवल वाहन ड्राइवरों को परेशानी होती है, बल्कि हादसों का भी खतरा भी बना रहता है। जाम की स्थिति में एम्बुलेंस, स्कूल बसों और नौकरीपेशा लोगों सहित रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कंपनियों मे कच्चा माल भी समय नही पहुंच पा रहा है। अगर लोग शिकायत करते है तो अधिकारी सुनवाई नहीं करते।
यातायात पुलिस की कोई योजना नहीं: धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां बड़ी संख्या में भारी वाहनों की आवाजाही होती है। ऐसे में यातायात नियंत्रण और नियमों के पालन के लिए प्रभावी व्यवस्था की जरूरत है। ओवरलोड और रॉन्ग साइड चलने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कई बार उठाई जा चुकी है। आयोग के इस कदम के बाद अब पुलिस प्रशासन को एनएच-48 की यातायात व्यवस्था और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा देना होगा।
जाम हुआ आम, मिंटो का सफर घंटों में: धारूहेड़ा और एनएच-48 पर भारी एवं ओवरलोड वाणिज्यिक वाहनों की लगातार आवाजाही तथा रॉन्ग साइड ड्राइविंग के कारण आए दिन गंभीर जाम की स्थिति पैदा होती है। सुबह और शाम के पीक आवर्स में समस्या और ज्यादा विकराल हो जाती है।

7 दिसंबर को गुरुग्राम में होगी सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर 2026 को गुरुग्राम स्थित नए पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में बनाए गए कैंप कोर्ट में होगी। एनएच-48 पर पैदा होने वाली यातायात समस्या किसी एक व्यक्ति की परेशानी नहीं, बल्कि प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उनका कहना है कि ओवरलोड वाहनों, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और पीक आवर्स में भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था जरूरी है।













