IGU Rewari में ‘अतिथि देवो भव इन प्रैक्टिस’ पुस्तक का विमोचन

On: August 28, 2026 8:35 PM
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इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (IGU), मीरपुर में पर्यटन व आतिथ्य क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि के तहत ‘अतिथि देवो भव इन प्रैक्टिस: ब्रिजिंग ट्रेडिशन एंड मॉडर्न हॉस्पिटैलिटी सर्विस’ पुस्तक का औपचारिक विमोचन किया

IGU Rewari: रेवाड़ी (Best24News): इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (IGU), मीरपुर में पर्यटन व आतिथ्य क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि के तहत ‘अतिथि देवो भव इन प्रैक्टिस: ब्रिजिंग ट्रेडिशन एंड मॉडर्न हॉस्पिटैलिटी सर्विस’ पुस्तक का औपचारिक विमोचन किया गया। कुलपति कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने पुस्तक का अनावरण किया और लेखकों को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई दी।

इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (IGU), मीरपुर में पर्यटन व आतिथ्य क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि के तहत ‘अतिथि देवो भव इन प्रैक्टिस: ब्रिजिंग ट्रेडिशन एंड मॉडर्न हॉस्पिटैलिटी सर्विस’ पुस्तक का औपचारिक विमोचन किया
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (IGU), मीरपुर में पर्यटन व आतिथ्य क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण अकादमिक उपलब्धि के तहत ‘अतिथि देवो भव इन प्रैक्टिस: ब्रिजिंग ट्रेडिशन एंड मॉडर्न हॉस्पिटैलिटी सर्विस’ पुस्तक का औपचारिक विमोचन किया

आईजीयू व भगत फूल सिंह विवि के प्राध्यापकों ने की सह-रचना

यह पुस्तक इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरपुर के होटल एवं पर्यटन प्रबंधन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. पवन कुमार तथा भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां (UGC-MMTTC) की निदेशक प्रो. (डॉ.) शेफाली नागपाल द्वारा संयुक्त रूप से लिखी गई है। विमोचन के अवसर पर सुपवा (रोहतक) की कुलसचिव डॉ. गुंजन मलिक, आईजीयू होटल एवं पर्यटन प्रबंधन विभाग की अध्यक्ष प्रो. अदिति शर्मा तथा डॉ. नवनीत कौशल विशेष रूप से उपस्थित रहे।

 

भारतीय परंपरा और आधुनिक हॉस्पिटैलिटी का संगम

यह पुस्तक भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र ‘अतिथि देवो भवः’ के नैतिक एवं मानवीय मूल्यों को आधुनिक, तकनीक-संचालित पर्यटन व होटल उद्योग से जोड़ती है। इसमें भारतीय आतिथ्य दर्शन, बदलते होटल उद्योग की व्यावहारिक आवश्यकताओं, पर्यटकों के अधिकारों, केस स्टडीज और वैश्विक मानकों का सटीक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

कुलपति प्रो. असीम मिगलानी: “भारतीय ज्ञान परंपरा के जीवन मूल्यों को आधुनिक व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ना समय की मांग है। यह पुस्तक इस दिशा में एक अनुकरणीय और सार्थक प्रयास है।” प्रो. (डॉ.) शेफाली नागपाल ने कहा कि “भारतीय संस्कृति में अतिथि को केवल ग्राहक नहीं माना गया है। यदि आधुनिक उद्योग में इन सांस्कृतिक मूल्यों का समावेश किया जाए, तो भारत वैश्विक पर्यटन में नई ऊंचाइयां छुएगा।” डॉ. पवन कुमार ने कहा कि “यह कृति भारतीय आतिथ्य दर्शन को व्यावहारिक जरूरतों से जोड़कर सेवाओं को अधिक नैतिक, संवेदनशील और मानवीय बनाने पर केंद्रित है।”

 

विभाग अध्यक्ष प्रो. अदिति शर्मा सहित उपस्थित शिक्षाविदों ने विश्वास जताया कि यह पुस्तक विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और टूरिज्म व हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के पेशेवरों के लिए अत्यंत उपयोगी मार्गदर्शिका साबित होगी। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी ने पुस्तक का अनावरण करने के बाद तथा कार्यक्रम के समापन पर लेखकों को बधाई दी।

 

Harsh Chauhan

मेरा नाम हर्ष चौहान है। मैं Best24News में कंटेंट राइटर के लगभग 4 सालों से काम रहा हूँ । मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगों तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो।

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