हांसी (Best24News): हरियाणा विधानसभा सत्र के दौरान सदन के बाहर और भीतर हुए हंगामे को लेकर इंडियन नेशनल लोकदल (INLO) के प्रधान महासचिव एवं विधायक अभय सिंह चौटाला ने पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर तीखा हमला बोला है।
हांसी में पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभय चौटाला ने आरोप लगाया कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदर्शन के दौरान खुद पुलिसकर्मी को कोहनी मारी और बाद में सदन में जाकर उल्टा पुलिस पर ही आरोप मढ़ दिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पुलिस को उकसाकर प्रदेश का माहौल खराब करने का प्रयास कर रही है।
“सिख समाज की भावनाओं को पहुंचाई ठेस”
विधानसभा के भीतर पर्चा छीने जाने की घटना का जिक्र करते हुए इनेलो विधायक ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने इस आचरण से सिख समाज की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को गहरा आघात पहुंचाया है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से इस पूरे घटनाक्रम पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
अभय चौटाला ने तंज कसते हुए कहा, “मैंने घटनाक्रम की पूरी वीडियो क्लिप देखी है, जिसमें सच्चाई साफ दिख रही है। विपक्ष का काम सदन में जनता के मुद्दे उठाना है, लेकिन कांग्रेस विधायक सिर्फ काले कपड़े पहनकर ड्रामेबाज़ी करने और वॉकआउट करने तक सीमित रह गए हैं।”
27 सितंबर को मेवात में होगी चौधरी देवीलाल सम्मान दिवस रैली
इनेलो नेता ने अपनी भावी रणनीतियों की जानकारी देते हुए बताया कि 27 सितंबर को मेवात में पूर्व उपप्रधानमंत्री स्व. चौधरी देवीलाल के सम्मान दिवस पर एक ऐतिहासिक राज्यस्तरीय रैली आयोजित की जाएगी। रैली की तैयारियों के लिए वे प्रदेशभर का दौरा कर रहे हैं।अब तक 50 से अधिक विधानसभा क्षेत्रों का दौरा पूरा हो चुका है और 9 सितंबर तक पूरे हरियाणा को कवर कर लिया जाएगा।
सदन में दिखा दिलचस्प नजारा: निलंबित कांग्रेसी विधायक भाजपा के पाले में आए नजरदूसरी ओर, विधानसभा सत्र के दौरान एक अनूठा राजनीतिक दृश्य देखने को मिला। राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने के आरोप में कांग्रेस द्वारा निलंबित किए गए 5 विधायक सदन में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से पूरी तरह दूर दिखे।
रतिया से विधायक जरनैल सिंह सहित ये विधायक सदन के भीतर खुले तौर पर भाजपा के पाले में खड़े नजर आए। हालांकि विधानसभा के संवैधानिक रिकॉर्ड में वे अभी भी कांग्रेस के विधायक दर्ज हैं, लेकिन उनके पहनावे और तेवरों से कांग्रेस के साथ उनकी राजनीतिक दूरी साफ छलक रही थी।














