धारूहेड़ा / रेवाड़ी (Best24News): औधोगिक कस्बे धारूहेड़ा में शहीद भगत सिंह यादगार कमेटी के तत्वावधान में आजादी आंदोलन के महान क्रांतिकारी शहीद ऊधम सिंह और हिंदी साहित्य के महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों और युवाओं ने दोनों महान विभूतियों को याद कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
सभा को राकेश सैनी , कविता प्रवक्ता,रवि सैनी,धीरज, कराटे कोच यश व धर्मेश ने भी संबोधित किया। अंत में शहीद ऊधम सिंह अमर रहे, मुंशी प्रेमचंद अमर रहे के नारों के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

नरसंहार का बदला लेने वाले महान क्रांतिकारी थे ऊधम सिंह: रमेश चंद्र एडवोकेट
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ सोशल एक्टिविस्ट एवं कमेटी के अध्यक्ष रमेश चंद्र एडवोकेट ने कहा कि “शहीद ऊधम सिंह भारत माता के वे महान सपूत थे, जिन्होंने जलियांवाला बाग में हजारों निहत्थे भारतीयों का संहार करने वाले क्रूर अंग्रेज अधिकारी माइकल ओ’डायर को लंदन में उसके घर में घुसकर गोलियों से भूना था।”
उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का यह अदम्य साहस और देशभक्ति की भावना हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। इसके साथ ही उन्होंने मुंशी प्रेमचंद के साहित्य और सामाजिक चेतना में उनके योगदान को याद किया।
प्रेमचंद ऐसे पहले कहानीकार थे जिसने अपने कालजयी उपन्यास गोदान,गबन, कर्मभूमि व निर्मला और ईदगाह, कफ़न व पूस की रात जैसी कहानियों में आज भी समाज में व्याप्त भूख-गरीबी, भ्रष्टाचार, गबन, अंधविश्वास व कुरीतियों का ना सिर्फ सजीव चित्रण पेश किया बल्कि आम जनता के हकों का हिमायती बने। तथा आज भी उसके खिलाफ आम जनता को संघर्ष के लिए प्रेरित करते हैं।यही कारण है कि शासक वर्ग इन महान मनीषियों को जानबूझकर भुला रहा है।
अमर नारों के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
श्रद्धांजलि सभा का समापन “शहीद ऊधम सिंह अमर रहें” और “मुंशी प्रेमचंद अमर रहें” के गगनभेदी नारों के साथ हुआ।
इस मौके पर ये रहे मौजूद: इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष रमेश चंद्र एडवोकेट, सचिव राकेश सैनी पार्षद, कविता प्रवक्ता, पवन कुमार, धर्मेश यादव, सुमित कुमार, हिमांशु, आदित्य कुमार, कराटे कोच यश सैनी, रवि, हरिनारायण प्रजापत, नवीन कुमार, तुषार, पीयूष, धीरज सैनी, जसबीर और रवि सहित अनेक लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे।














