कारगिल विजय दिवस: नंदरामपुर बास में अमर शहीद नरेश कुमार को दी श्रद्धांजलि, ग्रामीणों ने किया नमन

On: July 26, 2026 1:42 PM
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कारगिल विजय दिवस: नंदरामपुर बास में अमर शहीद नरेश कुमार को दी श्रद्धांजलि, ग्रामीणों ने किया नमन

कारगिल विजय दिवस: धारूहेड़ा : गांव नंदरामपुर बास में कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक विशेष श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर कारगिल अमर शहीद नरेश कुमार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। ग्रामीणों ने भारत माता के जयकारों लगाए। श्रद्धांजलि समारोह के दौरान ग्रामीणों, गणमान्य व्यक्तियों और युवाओं ने शहीद नरेश कुमार की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

इस दौरान पूरा गांव ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, शहीद नरेश आपका नाम रहेगा’ और ‘भारत माता की जय’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। बता दे शहीद नरेश कुमार 12 जून 2002 को पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी के दौरान सीमा पर मोर्चा संभालते हुए बलिदान दिया था। रविवार को ग्रामीणों ने उनको नमन किया।

नंदरामपुर बास के वीर सपूत शहीद नरेश कुमार

गांव नंदरामपुर बास के वीर सपूत शहीद नरेश कुमार का जीवन देशभक्ति, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल है। समाज सेवी सुरेश कुमार ने बताया कि नरेश कुमार का जन्म 25 अगस्त 1974 को हुआ था। उनके पिता का नाम बलबीर सिंह तथा माता का नाम सरस्वती देवी है। वे 25 नवंबर 2000 को सीमा सुरक्षा बल (BSF) में भर्ती हुए थे प्रशिक्षण बीएसएफ अकादमी ग्वालियर में पूरा करने के बाद उन्हें असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर नियुक्त हुए

12 जून 2002 को हुए शहीद

प्रशिक्षण के बाद उनकी पहली तैनाती जम्मू केअखनूर सेक्टर के मालोजोधा पोस्ट पर66वीं बटालियन की बी कंपनी में हुई। वर्ष 2001 में उनका विवाह हुआ। इसके बाद उन्हें 66वीं बटालियन की बी कंपनी का ओसी नियुक्त किया गया। 12 जून 2002 को पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी के दौरान सीमा पर मोर्चा संभालते हुए शाम 4 बजकर 20 मिनट पर आरसीएल गन का गोला उनके बाएं कंधे के पास आकर लगा।

सर्वोच्च बलिदान देशवासियों के लिए गर्व

गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अंतिम समय तक अपने कर्तव्य का निर्वहन किया और शाम 4 बजकर 55 मिनट पर मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए।

शहीद नरेश कुमार की शहादत आज भी क्षेत्र के युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करती है। गांव में स्थापित स्मारक पर उनके जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और बलिदान का उल्लेख किया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके साहस और राष्ट्रभक्ति को सदैव याद रखें। उनका सर्वोच्च बलिदान देशवासियों के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है। इस मौके पर  सुरेश कुमार, अजीत, सोनू, गुडू सैनी, रोहताश,  बीनू, जयसिंह,  लेखराम शहीद को नमन किया।

धारूहेडा: अमर शहीद नरेश कुमार को नंंदरामपुर बास दी भावभीनी श्रद्धांजलि

Harsh Chauhan

मेरा नाम हर्ष चौहान है। मैं Best24News में कंटेंट राइटर के लगभग 4 सालों से काम रहा हूँ । मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगों तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो।

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