Rewari News: पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ ने कहा कि वकीलों को स्वयं को जुडिशरी का हिस्सा समझना चाहिए। उन्होंने अधिवक्ताओं को न्यायिक व्यवस्था का मुख्य अंग बताया । न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ रेवाड़ी न्यायालय का निरीक्षण करने के लिए आए हुए थे। उन्होंने वकीलों को जिला बार रूम में पहुंचकर संबोधित किया।
न्यायमूर्ति ने कहा कि उनका संबंध रेवाड़ी भूमि से रहा है क्योंकि उनकी धर्मपत्नी रेवाड़ी के गांव गोठड़ा की निवासी हैं। उन्होंने बताया कि अधिवक्ताओं की सभी समस्याओं कि वह पूरजोर वकालत करेंगे और जो भी समस्याएं रखी गई है उनका निराकरण करने का प्रयास करेंगे। न्यायमूर्ति ने कहा कि रेवाड़ी बार एसोसिएशन पूरी हरियाणा एवं पंजाब में सबसे कम कार्य स्थगित (वर्क सस्पेंड ) करती है। उन्होंने बताया कि रेवाड़ी बार ऐसी है जिन्होंने शनिवार को भी अपना कार्य स्थगित नहीं रखा था और कुछ दिनों से ही यह प्रक्रिया चल रही है।

न्यायमूर्ति ने अपने अनुभव भी सांझा किए
इससे पूर्व जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र यादव ने न्यायाधीश का बार रूम में पहुंचने पर सभी पदाधिकारी सहित स्वागत किया। इस अवसर पर विश्वामित्र यादव ने निरीक्षक जज के समक्ष वकीलों के बैठने के लिए स्थान बढ़ाने, चैंबर बिल्डिंग पर पोटा केबिन बनाए जाने, लेबर कोर्ट के लिए अफसर नियुक्त किए जाने, पीएलए भवन में जाने के लिए रास्ता खोलने सहित कई मांगे रखी थी। न्यायमूर्ति ने आश्वासन दिलाया कि वह सभी मांगे पूरा करने के लिए पूर्ण रूप से कोशिश करेंगे। इसके अलावा न्यायमूर्ति ने अपने अनुभव भी सांझा किए।
ये रहे मौजूद: इस मौके पर जिला बार एसोसिएशन की ओर से प्रधान विश्वामित्र यादव, उप प्रधान सुमन यादव, सचिव मनोज कुमार यादव , सहसचिव मोनू कुमार तथा कोषाध्यक्ष चिराग शर्मा ने स्मृति चिन्ह भेंट स्वरूप दिया। इस अवसर पर कोसली बार एसोसिएशन के प्रधान जय किशन ढिल्लों, वरिष्ठ अधिवक्ता अमरजीत यादव, कैलाश यादव, कामरेड राजेंद्र, रूपचंद यादव, शौकीन शर्मा, प्रवेश हरित, राजकुमार गेरा, राकेश राव, सुशील स्वामी, धर्मपाल नंदवानी, अश्वनी तिवारी, अमित कुमार सहित सैकड़ो अधिवक्ता मौजूद रहे।














