रेवाड़ी: प्रगतिशील साहित्यिक सांस्कृतिक मंच रेवाड़ी के तत्वाधान में नवजागरण काल के महान मनीषी ईश्वरचंद्र विद्यासागर, कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती तथा आजादी आंदोलन के अमर क्रांतिकारी शहीद उधम सिंह के बलिदान दिवस पर एक भव्य श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता आरके श्योराण ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में रिटायर्ड जिला एवं सेशन जज राकेश यादव उपस्थित रहे।
श्रद्धांजलि समारोह में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और महापुरुषों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के दौरान सभी वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान दौर में नवजागरण काल के मनीषियों द्वारा शुरू किए गए सामाजिक और सांस्कृतिक आंदोलन को आगे बढ़ाने की बेहद आवश्यकता है।

वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि जात-पात, धर्म और संप्रदाय की दीवारों को सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना के जरिए ही खत्म किया जा सकता है। शहीद उधम सिंह ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ जनता की अटूट एकता का संदेश देने के लिए अपना नाम ‘राम मोहम्मद सिंह आजाद’ रखा था। आज शोषण, अत्याचार और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाना ही इन महापुरुषों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
समाज को अपनी जड़ों से जुड़ना होगा”: मुख्य अतिथि
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं पूर्व जिला व सेशन जज राकेश यादव ने कहा कि
“समाज को अपनी जड़ों से जुड़ना होगा, क्योंकि कोई भी समाज जड़विहीन होकर आगे नहीं बढ़ सकता। हमें ईश्वरचंद्र विद्यासागर, मुंशी प्रेमचंद और शहीद उधम सिंह के जीवन संघर्षों से प्रेरणा लेकर समाज निर्माण में योगदान देना चाहिए।”
ये रहे मौजूद: इस मौके पर हरिओम (रिटायर्ड मुख्याध्यापक), बसंत कुमार (रिटायर्ड प्राचार्य), मनोज कुमार (रिटायर्ड ई.ओ.), कैलाश चंद (अध्यक्ष एम्स संघर्ष समिति मनेठी), कृष्ण कुमार, सूबे सिंह एडवोकेट, कॉमरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट, प्रेमपाल अनपढ़ एडवोकेट, विनोद कुमार, राजकुमार जलवा एडवोकेट, रणवीर सिंह एडवोकेट, बलवंत सिंह, सुधीर कुमार, शेर सिंह मीरपुर, भागेश यादव एडवोकेट, सुरेश राव आर्किटेक्ट, सोनिया सैनी, बीर सिंह प्रधान, जगदीश डहनवाल सहित अनेक गणमान्य लोगों ने संबोधित किया।














