CIA कोसली: रेवाड़ी पुलिस द्वारा अपराधियों व चोरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीआईए कोसली (CIA Kosli) पुलिस टीम को शुक्रवार को एक बड़ी सफलता मिली है । सीआईए पुलिस ने एक अंतरराज्यीय भैंस चोर गिरोह का भंडाफोड़ कर उसके 3 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। बता ये शातिर घरों में लहसुन बेचने और व्यापारी बनकर रैकी करते थे तथा बाद में रात को चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
मामले का खुलासा करते हुए डीएसपी बावल सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि रोहडाई निवासी किसान राम किशोर ने बताया था कि 12 जुलाई की अज्ञात चोरों ने उनके प्लॉट का ताला तोड़कर अंदर बंधी 01 भैंस तथा 01 कटिया को पिकअप गाड़ी में लाद लिया और फरार हो गए। थाना रोहडाई में मामला दर्ज होने के बाद जांच सीआईए कोसली इंचार्ज पीएसआई नितीश कुमार व उनकी टीम को सौंपी गई।
जानिए कैसे चढे हत्थे: सीआईए कोसली ने मुखबिरों की सूचना से 28 जुलाई को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिनमें राजू बंजारा (निवासी: गांव बसई, जिला महेंद्रगढ़) गोपी उर्फ पांडू बंजारा (निवासी: जयसिंहपूरा खोर, जयपुर, राजस्थान) शामिल है। दोनो आरोपियों को अदालत से मिले 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान पूछताछ के आधार पर पुलिस ने गुरुवार को गिरोह के तीसरे मुख्य साथी मोहम्मद सलमान (निवासी: बुलंदशहर, यूपी) को भी काबू कार लिया।
जानिए कैसे करते थे वारदात (Modus Operandi)
डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम करता था। आरोपी मोहम्मद सलमान गांवों में फर्जी भैंस व्यापारी बनकर घूमता था, जबकि राजू बंजारा और गोपी बंजारा गांवों में लहसुन बेचने के बहाने घरों और प्लॉटों की रेकी करते थे। रेकी के बाद आरोपी रात में पिकअप गाड़ी लेकर आते और पशुओं को लादकर फरार हो जाते थे। इन चोरी की भैंसों को यूपी के पशु मेलों में बेच दिया जाता था।
6 वारदातों का खुलासा और पुराना रिकॉर्ड
पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपियों ने पिछले 1 महीने के भीतर अंजाम दी गई 6 पशु चोरी की वारदातों को कबूल किया है। जिनमें 4 वारदातें: जिला रेवाड़ी में, एक वारदात: जिला महेंद्रगढ़ में तथा एक वारदात: जिला चरखी दादरी में की है। इतना ही नहीं जांच में सामने आया है कि आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी भैंस चोरी के 3 मामले दर्ज हैं।












