रेवाड़ी के वकीलों की हड़ताल सोमवार को 9वें दिन भी जारी है। एसडीएम और वकीलों के बीच अप्रैल माह से विवाद चला आ रहा है । मंगलवार को जिला बार एसोसिएशन सचिवालय तक प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज करवाएगी। इसके बाद भी रेवाड़ी एसडीएम का ट्रांसफर नहीं हुआ, तो ऑल हरियाणा में हड़ताल की जाएगी। अब देखना यह है जिला बार एसोसिएशन की चेतावनी का रेवाड़ी प्रशासन पर क्या असर होता है।

19 अप्रैल से चला आ रहा विवाद
एसडीएम और वकीलों के बीच 16 अप्रैल 2026 से विवाद चला आ रहा है। तीन महीने तक वकीलो ने प्रशासन को मौका दिया था लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हई। इसी को लेकर हडताल पर बैठना पडा। वकीलों ने एसडीएम पर दुर्व्यवहार करने और मनमाने ढंग से केसों के फैसले सुनने के आरोप लगाए थे। उनकी मांग पर सुनवाई नहीं होने पर 16 अप्रैल को सांकेतिक हड़ताल की गई। पहले दिन डीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा था। जिसमें एसडीएम के ट्रांसफर की मांग की गई थी। इसके बाद ही जिला बार एसोसिएशन ने एसडीएम कोर्ट का बहिष्कार किया हुआ है। वे लगातार 9 दिन से हडताल पर हैं। आज यानि 9 वे दिन आंदोलन

आज से धरना स्थल पर उपस्थित रहने वाले वकीलों की उपस्थिति एक रजिस्टर में दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि जो वकील साथी धरना स्थल पर नहीं पहुंच रहे, भविष्य में यदि उनके साथ कोई अनहोनी होती है, तो बार उनका साथ नहीं देगी। यह लड़ाई केवल बार की नहीं, बल्कि वकीलों के मान सम्मान की है। वकील 20 जुलाई से हड़ताल पर हैं। सरकार ने वीरवार को एसडीएम को छुट्टी पर भेज दिया था।

प्रधान ने मई में बार की तरफ से विधायक लक्ष्मण यादव को भेजा गया मांगपत्र दिखाने के साथ 21 जुलाई को अपने साथ फोन पर हुई बातचीत का ओडियो भी सुनाया। इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। पूरा प्रशासन एक हो गया है। एसडीएम को छुट्टी भेजा गया है लेकिन ट्रासंफर नहीं किया गया।
एडीएम सुरेश कुमार क्या कहा: वकीलो के आंदोलने को लेकर एसडीएम सुरेश कुमार ने कहा कि जिला बार के आरोपों को निरधार बताया है। बता दे कि एसडीएम कोर्ट में लंबे समय से लंबित पड़े फैसले निपटाने से वकीलों परेशान है। लंबे समय तक फैसलों को लंबित रखने का दबाव बनाने के लिए उन पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं।














