हरियाणा के रेवाड़ी, गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। द्वारका एक्सप्रेसवे को कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले नए लिंक रोड पर ट्रायल शुरू हो गया है। यह सड़क सीधे रेवाड़ी शहर से नहीं गुजरती, लेकिन इसके चालू होने के बाद रेवाड़ी से गुरुग्राम और दिल्ली की ओर जाने वाले लोगों को तेज और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे एनएच-48 पर लगने वाले जाम से भी काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
रेवाड़ी के यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा
रेवाड़ी जिले से हर दिन हजारों लोग नौकरी, कारोबार और अन्य कामों के लिए गुरुग्राम और दिल्ली की ओर जाते हैं। मौजूदा समय में ज्यादातर लोगों को एनएच-48 का इस्तेमाल करना पड़ता है, जहां पीक आवर्स में लंबा जाम लगना आम बात है। नया लिंक रोड शुरू होने के बाद KMP एक्सप्रेसवे के जरिए गुरुग्राम और द्वारका एक्सप्रेसवे तक पहुंचना पहले के मुकाबले आसान हो जाएगा। इससे यात्रा का समय कम होने के साथ सफर भी अधिक सुविधाजनक बनेगा।
10 किलोमीटर के लिंक रोड पर शुरू हुआ ट्रायल
करीब 10 किलोमीटर लंबे इस नए लिंक रोड का निर्माण अंतिम चरण में है। सड़क को आम वाहनों के लिए खोलने से पहले इसकी गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच की जा रही है। ट्रायल के दौरान सड़क की मजबूती, वाहनों की आवाजाही, बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था और अन्य तकनीकी पहलुओं का परीक्षण किया जा रहा है।
45 मिनट की दूरी सिमटकर रह सकती है 10 से 12 मिनट
अधिकारियों का मानना है कि इस लिंक रोड के शुरू होने के बाद द्वारका एक्सप्रेसवे और KMP एक्सप्रेसवे के बीच यात्रा समय करीब 45 मिनट से घटकर केवल 10 से 12 मिनट रह जाएगा। इसका अप्रत्यक्ष लाभ रेवाड़ी, बावल, पटौदी और दक्षिण हरियाणा के हजारों यात्रियों को मिलेगा, क्योंकि उन्हें गुरुग्राम की ओर तेज रूट उपलब्ध होगा।परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार गढ़ी हरसरू के पास हाई-टेंशन बिजली लाइन की ऊंचाई बढ़ाने का काम अभी शेष है। यह कार्य पूरा होने और ट्रायल सफल रहने के बाद सड़क को आम लोगों के लिए खोला जा सकता है। फिलहाल संबंधित एजेंसियां सभी जरूरी तकनीकी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटी हैं।
NH-48 पर कम हो सकता है ट्रैफिक का दबाव
दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) हरियाणा के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। गुरुग्राम, मानेसर और रेवाड़ी की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। नया लिंक रोड शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में वाहन वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर सकेंगे, जिससे एनएच-48 पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की संभावना है।रेवाड़ी, बावल और मानेसर के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बेहतर सड़क संपर्क मिलने से माल ढुलाई तेज होगी और परिवहन लागत कम हो सकती है। इसके अलावा उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी रोजाना आने-जाने में सुविधा मिलेगी।यह नया लिंक रोड सीधे रेवाड़ी शहर से होकर नहीं गुजरता। इसका उद्देश्य द्वारका एक्सप्रेसवे और KMP एक्सप्रेसवे को जोड़ना है। हालांकि KMP के जरिए रेवाड़ी की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, इसलिए जिले के लोगों को इसका सीधा लाभ तेज और सुगम सफर के रूप में मिलेगा।













