हरियाणा में मानसून अब धीरे-धीरे पूरे असर में दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में मानसूनी गतिविधियां और मजबूत हो सकती हैं, जिससे कई जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज होने के आसार हैं।
प्रदेश के कई जिलों में बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम और फरीदाबाद सहित कई जिलों के लिए गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में भारी वर्षा भी हो सकती है, इसलिए लोगों को मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
27 जुलाई के बाद फिर बढ़ सकती हैं मानसूनी गतिविधियां
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। इसके बाद थोड़े समय के लिए बारिश की तीव्रता कम हो सकती है, लेकिन 27 जुलाई से मानसून दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। उस दौरान राज्य के अधिकांश जिलों में व्यापक बारिश देखने को मिल सकती है।हाल के दिनों में हुई बारिश का असर तापमान पर भी देखने को मिला है। अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज होने से लोगों को उमस और तेज गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि बारिश का दौर जारी रहता है तो अगले कुछ दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रह सकता है।
क्यों बढ़ रही है बारिश की संभावना?
विशेषज्ञों के अनुसार मानसून से जुड़ी मौसमी प्रणाली फिलहाल उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय बनी हुई है। इसके साथ हरियाणा के आसपास विकसित मौसमीय परिस्थितियां बादलों के निर्माण को बढ़ावा दे रही हैं। यही कारण है कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश की स्थितियां बन रही हैं।अच्छी बारिश का सबसे बड़ा लाभ खरीफ फसलों को मिलने की उम्मीद है। धान, बाजरा, कपास और अन्य फसलों की वृद्धि के लिए पर्याप्त नमी मिलेगी। इसके अलावा जलाशयों में पानी बढ़ने और भूजल स्तर में सुधार की संभावना भी जताई जा रही है।













