रेवाड़ी: बार एसोसिएशन रेवाड़ी की ओर से एसडीएम का ट्रांसफर नहीं होने तक हड़ताल खत्म नहीं करने का ऐलान किया तेज हो गया है। सोमवार को जहां रेवाड़ी मे एडवोकेट हडताल पर बैठे थे वही मंगलवार को रेवाड़ी के मुंशी भी हड़ताल में शामिल हो गए है। इतना ही मंगलवार से बावल व कोसली में हडताल शुरू हो गई हैं
अप्रैल में शुरू हुआ था यह विवाद
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वमित्र यादव ने एसडीएम रेवाड़ी पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एसडीएम अपनी कोर्ट में केसों की सुनवाई के दौरान वकीलों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं। सीनियर वकीलों के साथ भी ऐसा करते है। उनके फैसलें भी न्याय संगत नहीं होते। हमने 16 अप्रैल को इसके विरोध में एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की थी। उसके बावजूद उनका रवैया नहीं बदला है।
इसको लोकर जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वमित्र यादव स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, सांसद और डीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया था। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सरकार की उदासीनता के चलते हमें यह कदम उठाने का विवश होना पड़ा। इससे पहले भी प्रशासन को कई बार अवगत करवाया जा चुका हैं

दूसरे दिन हडताल जारी: रेवाड़ी में दूसरे दिन वकीलों के साथ मुंशी भी हड़ताल में शामिल हो गए है तथा हडताल जारी है। जिला बार एसोसिएशन की मांग पर कोसली और बावल की कोर्ट भी बंद कर दिया गया है । हड़ताल पर बैठे वकीलों ने एसडीएम पर दुर्व्यवहार करने के आरोप लगा रहे हैं। बार एसोसिएशन ने एसडीएम का ट्रांसफर नहीं होने तक हड़ताल खत्म नहीं करने का ऐलान किया है। मुंशियों के हड़ताल में शामिल होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
मंत्री आरती राव, सांसद और डीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया था। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सरकार की उदासीनता के चलते हमें यह कदम उठाने का विवश होना पड़ा।
मांग पूरी होने तक रहेगी जारी हडताल
जिला बार एसोसिएशन के प्रधान ने कहा कि इस बारे में अपनी मांग पूरी होने तक सभी कोर्ट का बहिष्कार जारी रहेगा। पहले हमने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाई। जब सुनवाई नहीं हुई तो हड़ताल पर बैठना पड़ा। अब एसडीएम के ट्रांसफर के बाद ही इसे वापस लिया जाएगा।













