रेवाड़ी में मानसून की बारिश ने शहर की सड़क व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई इलाकों में सड़कें टूटकर गहरे गड्ढों में बदल चुकी हैं, जिससे रोजाना हजारों लोगों का सफर मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को उनका अंदाजा नहीं लग पाता और दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं होने से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं।
बारिश के बाद बदहाल हुई सड़कें, हर मोड़ पर खतरे का एहसास
मानसून की लगातार बारिश के कारण शहर की कई सड़कों की ऊपरी परत उखड़ चुकी है। कहीं छोटे तो कहीं बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनसे गुजरते समय वाहन चालकों को काफी सतर्क रहना पड़ता है। कई स्थानों पर पानी जमा होने से सड़क और गड्ढे में अंतर करना मुश्किल हो जाता है, जिससे अचानक वाहन असंतुलित हो जाते हैं।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा खराब हुई सड़कें
बावल रोड, दिल्ली रोड, झज्जर रोड, भाड़ावास रोड, नसियाजी रोड तथा सेक्टर-1 हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र की सड़कें सबसे अधिक प्रभावित बताई जा रही हैं। कई जगह डामर उखड़ने से सड़कें ऊबड़-खाबड़ हो गई हैं, जिससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।सबसे अधिक परेशानी बाइक और स्कूटी सवारों को हो रही है। गड्ढों में अचानक पहिया उतरने या फिसलने से कई लोग चोटिल हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के समय सड़क पर थोड़ी-सी चूक भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
कसौला और बनीपुर चौक पर धीमा पड़ा ट्रैफिक
रेवाड़ी के कसौला चौक और बनीपुर चौक के आसपास भी सड़क की खराब स्थिति का असर यातायात पर साफ दिखाई दे रहा है। गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालक रफ्तार कम कर रहे हैं या अचानक दिशा बदल रहे हैं, जिससे कई बार ट्रैफिक बाधित हो जाता है और लंबी कतारें लग जाती हैं।नागरिकों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में यही समस्या सामने आती है, लेकिन केवल अस्थायी पैचवर्क कर मामला खत्म कर दिया जाता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षतिग्रस्त सड़कों का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि मानसून के दौरान लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके तथा दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।













