Dharuhera Election: धारूहेड़ा: 13 मई को महज तीन वोट से वार्ड 16 से जीत दर्ज करवाने व तीन बार लगातार बनी पार्षद मनीषा सैनी का ताज बचेगा या नहीं। इसको लेकर बुधवार शाम को अदालत के फैसले पर सभी की निगाहे टीकी हुई है।
तीन वोट से हारी दीपा ने दी चुनौती: बता दे महज तीन वोट से हारी प्रत्याशी दीपा रस्तोगी की याचिका दायर की थी। इसी को लेकर मंगलवार को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब पूरे धारूहेड़ा की निगाहें इस बहुप्रतीक्षित निर्णय पर टिकी हुई हैं। क्योंकि बुधवार को करीब 5 बजे इसका निर्णय आना है।Dharuhera Election
निर्णय सुरक्षित आज आएगा फैसला‘ बता दे कि सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अमित वर्मा की अदालत बुधवार को इस मामले में अपना निर्णय सुनाएगी। चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली प्रत्याशी दीपा रस्तोगी की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया गया था।
13 मई को हुई थी जीत‘ बता दे कि 10 मई को हुए नगर पालिका के 18 वार्ड व चेयरमैन के लिए चुनाव हुए थे। वहीं परिणाम 13 मई को घोषित किए गए थे। वार्ड 16 में मनीषा सैनी को 650 वोट मिले थे, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी दीपा रस्तोगी को 647 वोट प्राप्त हुए। इस तरह मनीषा ने केवल 3 वोटों से जीत हासिल की थी।
कोर्ट पहुंचा ममला’ बता दे कि तीन वोट से हार के बाद दीपा रस्तोगी ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया कि मतदान प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं और कुछ ऐसे मतदाताओं के वोट डलवाए गए जो मतदान के समय अस्पताल में भर्ती थे।Dharuhera Election
ये भी लगाया आरोप: याचिका में दावा किया गया कि मतदान के दिन राकेश कुमार और गुरुपाल सिंह एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे, जबकि सोनिया नामक महिला धारूहेड़ा के एक अन्य अस्पताल में उपचाराधीन थी। इसके बावजूद उनके वोट डाले गए। दीपा रस्तोगी का आरोप है कि उनके एजेंट ने मतदान केंद्र पर इस संबंध में आपत्ति भी दर्ज कराई थी लेकिन पीठासीन अधिकारी ने इसे नजरअंदाज कर दिया। इसी को लेकर उसे कोर्ट की शरण लेनी पडी।
मामले में रिटर्निंग ऑफिसर एसडीएम और नगर पालिका को भी पार्टी बनाया गया है। अदालत के फैसले से यह स्पष्ट होगा कि मनीषा सैनी की जीत बरकरार रहती है या फिर चुनाव परिणाम पर कोई नया मोड़ आता है।
17 को होगा कार्यकाल समाप्त: धारूहेड़ा नगर पालिका का वर्तमान कार्यकाल 17 जून को समाप्त हो रहा है। कार्यकाल समाप्त होने के बाद अधिसूचना जारी होने पर ही चेयरमैन और पार्षदों को शपथ दिलाई जाएगी। ऐसे में वार्ड 16 के इस मामले का फैसला नई पालिका के गठन से पहले बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।Dharuhera Election
धारूहेड़ा फिर आई चर्चा में: साल 2020 में नपा पहले चेयरमैन को लेकर पूरी हरियाणा में चर्चा में आई थी। कंवर सिंह पूर्व चेयरमैन को हाई कोर्ट से जीत मिलने पर शपथ दिलाई गई थी। अब एक बार फिर धारूहेडा नपा का वार्ड 16 चर्चा में आ गया है।
क्या कहते है एक्पर्ट: मतदान के समय कोई लिखित शिकायत नहीं होना। क्योंकि फर्जी वोट को वहां पर बैठे एजेंट उसी समय रूकवा सकते थे। इतना ही नही जिन बीमार लोगो के नाम वोट डालना दिखाया गया है क्या उनकी वोट वास्तव में डाली गई है। ऐसा साबित होना बडा असंभव है। ऐसे में दीपा की याचिका रदृ होने के चांस ज्यादा है। एक फीसदी अगर रद्द नहीं की तो शपथ को लेकर स्टे हो सकती है।












