Breaking News: रेवाड़ी: किसानों के लिए बडी राहत भरी न्यूज सामने आई है। हरियाणा सरकार किसानो की आय बढाने के लिए प्रयासरत है। इसी क्रम में हरियाणा सरकार ने धान की फसल बिजाई करने वाले किसानो को एक बडी सौगात दी है।
अनुदान पर मिलेगी धान की मशीन: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा खरीफ 2026 सीजन में धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) मशीन द्वारा करने पर किसानों को 4500 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। धान की सीधी बिजाई प्रदर्शन योजना के तहत प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने के लिए इच्छुक किसान को मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना आवश्यक है। Breaking News
डीएसआर मशीन की बिजाई: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जिले के गांव कालूवास में 5 एकड क्षेत्र में डीएसआर मशीन से धान की सीधी बिजाई का सफल प्रदर्शन किया। सहायक कृषि अभियन्ता रेवाडी दिनेश शर्मा के नेतृत्व में विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित किसानों को डीएसआर तकनीक के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उन्हे पारंपरिक रोपाई की जगह सीधी बिजाई अपनाने के लिए प्रेरित किया।Breaking News
प्रदर्शन के दौरान किसानों को बताया कि डीएसआर तकनीक से धान की खेती में पानी की बचत, मजदूरी की लागत में कमी और समय की बचत होती है। पारंपरिक विधि की तुलना में डी एस आर से लगभग 25-30 प्रतिशत कम पानी लगता है और नर्सरी तैयार करने तथा रोपाई पर होने वाला खर्च बच जाता है।
इसके साथ ही फसल जल्दी तैयार होती है और मजदूरों पर निर्भरता भी कम होती है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जल स्तर में गिरावट और श्रमिकों की कमी को देखते हुए डी एस आर तकनीक रेवाड़ी जैसे क्षेत्रों के लिए अत्यन्त उपयोगी है। विभाग किसानों को इस तकनीक को अपनाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सब्सिडी की जानकारी भी उपलब्ध करा रहा है।Breaking News
इस दौरान कृषि विकास अधिकारी (कृषि यंत्र) सुनील कुमार, व कनिष्ठ अभियन्ता जोगेन्द्र पाल मौजूद रहे। गांव कालूवास के किसानों ने डीएसआर मशीन से की गई बिजाई को देखकर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि अधिक जानकारी के लिए कृषि विभाग के किसान इंजी दिनेश शर्मा के दूरभाष नं0 9416252945 पर सम्पर्क कर सकते है।Breaking News
अब अनुदान पर मिलेगी ये मशीन: उन्होने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा खरीफ 2026 सीजन में राज्य में कुल 600 धान की सीधी बिजाई करने वाली मशीन अनुदान पर उपलब्ध करवाई जाएगी। इन मशीनों पर कीमत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 40000 रुपये अनुदान दिया जाएगा। धान की सीधी बिजाई तकनीक में बीज की मात्रा 08 कि0 ग्0 प्रति एकड़ पर्याप्त रहती है।













