Dharuhera: धारूहेड़ा: सोहना पलवल हाईवे पर अलवर बाइपास पर हो जलभराव के चलते एक बार फिर हरियाणा की सीमा में बना रैप कटघरे में आ गया है। सवाल यह है है क्या रैप तोडा जाएगा या फिर इसको लेकर कानून कार्रवाई होगी। दरसल इसको लेकिन लेकर किसी के पास कोई जबाव नहीं है। क्योंकि असली बजह भिवाडी से कंपनियो से छोडा जा रहा काला पानी है।Dharuhera
झील बन चुका है अलवर बाइपास: बता दे बिना बारिश के अलवर बाइपास झील बना हुआ है। यहां से गुजरने समय रोजाना वाहन फस रहे है। छोटे व दुपहिया वाहनो को आगवामन बंद हो गया है। लेकिन सबसे अहम बात यह है भिवाडी की कंपनियों के पानी को छोडने पर कोई रोक नहीं लग पाई है यही कारण कंपनी का गंदा पानी बार बार छोड दिया जाता है।
दूषित पानी से लोग परेशान: धारूहेड़ा के नागरिक वर्षों से भिवाड़ी के औद्योगिक एवं रिहायशी क्षेत्रों से छोड़े जा रहे प्रदूषित पानी की मार झेलते आ रहे हैं। बरसात के दिनों में यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है, जिससे सड़कों, कॉलोनियों और आम जनजीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। अब पिछले कई दिनो से एक बार फिर अलवर बाइपास झील बन गई है।

रैप की आड, धरातल पर काम नही: बार बार राजस्थान प्रशासन हरियाणा की सीमा पर बने रेंप पर सवाल उठा रहा है जबकि कंपनियो से छोडे जा रहे पानी को लेकर कोई गंभीर नहीं है। अधिकारी व कर्मचारी एसटीपी के नाम अपने जेब भर रहे है कंपनियों पर गंदा पानी छोडने पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अब बारिश नही नही तो फिर ये पानी कहां से आ गया है।
भिवाड़ी क्षेत्र में प्रदूषित पानी को अवैध रूप से छोड़ने की गतिविधियों पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। ऐसे में धारूहेड़ा मोड़ पर बनाए गए रैंप को समस्या की जड़ बताना उचित नहीं है। वास्तव में रैंप का निर्माण धारूहेड़ा शहर को प्रदूषित पानी और जलभराव से बचाने के उद्देश्य से किया गया था, जो नागरिक हित में लिया गया एक महत्वपूर्ण और सराहनीय निर्णय है।

समस्या रैंप नहीं, काला पानी है: बता दे बार बार रेप को लेकर सवाल उठाए जा रहे है जबकि असली समस्या बार बार बिना बरिश के छोडा जा रहा काला पानी है। कंपनियों से लगातार आ रहा प्रदूषित पानी की असली समस्या है यदि प्रशासन और संबंधित विभाग इस अवैध जल निकासी पर सख्ती से रोक लगाने में सफल हो जाएं, तो धारूहेड़ा की अधिकांश समस्याओं का समाधान स्वतः हो सकता है।
कमीशर ने किया औचक निरीक्षण: भिवाडी के पार्षद हवा दायमा ने हाईकोर्ट में अवैध बनाए गए रैप को हटाने लिए केस दायर किया है। इसी पर संज्ञान लेते हए पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से नियुक्त कमीशनर राजेश शर्मा ने भिवाडी के अलवर बाइपास पर रैंप का निरीक्षण किया है। लेकिन सबसे अहम बात यह है लगातार कंपनियो की ओर से छोडे जा रहे काले पानी को लेकर प्र
प्रशासन कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है।













