सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

क्यों हर साल मानसून में डूब जाती है रेवाड़ी? प्रशासन जिम्मेदार या कारण कुछ और, जानें

Written by: सुनील चौहान

Published:

क्यों हर साल मानसून में डूब जाती है रेवाड़ी? हर साल मानसून की पहली तेज बारिश के साथ रेवाड़ी शहर एक बार फिर उसी पुराने संकट से जूझने लगता है। सड़कें तालाब…


क्यों हर साल मानसून में डूब जाती है रेवाड़ी
क्यों हर साल मानसून में डूब जाती है रेवाड़ी
Google News Follow us on Google

क्यों हर साल मानसून में डूब जाती है रेवाड़ी? हर साल मानसून की पहली तेज बारिश के साथ रेवाड़ी शहर एक बार फिर उसी पुराने संकट से जूझने लगता है। सड़कें तालाब में बदल जाती हैं, कई कॉलोनियों में पानी घरों तक पहुंच जाता है और मुख्य बाजारों में लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है।

Advertisement

हालात ऐसे बन जाते हैं कि कुछ घंटों की बारिश ही शहर की व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर देती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं देते।

बारिश थमती है, लेकिन परेशानी कई दिनों तक रहती है

जलभराव केवल बारिश के दौरान ही समस्या नहीं बनता, बल्कि पानी निकलने में देरी होने से कई इलाकों में सामान्य जनजीवन लंबे समय तक प्रभावित रहता है।

Advertisement

ये भी पढ़ें:हरियाणा में अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ एकजुट हुआ आर्य समाज

सड़कों पर जमा पानी से वाहनों की आवाजाही बाधित होती है, दुकानदारों का कारोबार प्रभावित होता है और स्कूली बच्चों से लेकर नौकरीपेशा लोगों तक को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई स्थानों पर गड्ढे पानी में छिप जाने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है।

नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

क्यों हर साल मानसून में डूब जाती है रेवाड़ी
क्यों हर साल मानसून में डूब जाती है रेवाड़ी

शहरवासियों का मानना है कि मानसून से पहले नालों और सीवर लाइनों की प्रभावी सफाई नहीं होने के कारण पानी की निकासी प्रभावित होती है। कई जगहों पर कचरा और गाद जमा होने से बारिश का पानी तेजी से नहीं निकल पाता। इसके अलावा तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के मुकाबले जल निकासी व्यवस्था को आधुनिक बनाने की गति धीमी रहने की बात भी सामने आती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल अस्थायी सफाई अभियान से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।

ये भी पढ़ें:झारखंड से जुडे है हरियाणा के तस्करों के तार, 30 लाख की अफीम जब्त, चार तस्कर ​काबू

हर साल दोहराई जाती है वही कहानी

रेवाड़ी के कई प्रमुख मार्ग और निचले इलाके बारिश के मौसम में जलभराव की चपेट में आ जाते हैं। स्थानीय निवासी बताते हैं कि हर मानसून में प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली तेज बारिश के बाद हालात फिर पहले जैसे दिखाई देने लगते हैं। यही वजह है कि लोगों के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर वर्षों से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं निकल पा रहा।

व्यापार, यातायात और आम जीवन पर पड़ रहा असर

क्यों हर साल मानसून में डूब जाती है रेवाड़ी
क्यों हर साल मानसून में डूब जाती है रेवाड़ी

जलभराव का सबसे अधिक असर बाजारों और मुख्य सड़कों पर देखने को मिलता है। कई दुकानों के बाहर पानी भर जाने से ग्राहकों की आवाजाही कम हो जाती है। दोपहिया वाहन चालकों को फिसलन और गड्ढों के कारण जोखिम उठाना पड़ता है, जबकि चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। बारिश के दौरान एम्बुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं की आवाजाही भी कई बार प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।

स्थायी समाधान की मांग तेज

शहर के नागरिकों का कहना है कि अब केवल तात्कालिक राहत उपायों से काम नहीं चलेगा। आवश्यकता इस बात की है कि जल निकासी व्यवस्था का तकनीकी मूल्यांकन किया जाए, नालों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित हो, सीवर नेटवर्क को मजबूत बनाया जाए और बारिश से पहले सभी संवेदनशील स्थानों की विशेष निगरानी की जाए। साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां दीर्घकालिक इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार किए जाएं, ताकि हर मानसून में लोगों को एक जैसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।

ये भी पढ़ें:हरियाणा पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: सज्जन सिंह बने रेवाड़ी के नए DSP

समय रहते सुधार नहीं हुआ तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

क्यों हर साल मानसून में डूब जाती है रेवाड़ी
क्यों हर साल मानसून में डूब जाती है रेवाड़ी

विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम और तेज बारिश की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए शहरों की जल निकासी व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकसित करना होगा। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो हर साल बारिश के साथ जलभराव, यातायात अव्यवस्था और नागरिकों की परेशानियां बढ़ती रहेंगी। रेवाड़ी जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर के लिए यह केवल बरसात की समस्या नहीं, बल्कि शहरी योजना और बुनियादी ढांचे की मजबूती से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है।

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

Related News

WhatsApp