बिजली कम मिलने पर फूटा गुस्सा, जिले के मुड़िया खेड़ा गांव में लगातार बिजली संबंधी परेशानियों से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर उतर आया। ग्रामीणों ने बालियर कलां स्थित 66 केवी सब स्टेशन के मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि लंबे समय से बिजली आपूर्ति में अव्यवस्था बनी हुई है, लेकिन बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।
बार-बार कटौती से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में बिना पूर्व सूचना के कई बार बिजली आपूर्ति बाधित कर दी जाती है। इसके अलावा रात के समय लाइन में तकनीकी खराबी आने पर घंटों तक बिजली बहाल नहीं होती। लोगों का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी मौके पर कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचते, जिससे पूरी रात अंधेरे और गर्मी में गुजारनी पड़ती है।
शिकायतों के बाद भी नहीं मिला समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। हालात में सुधार नहीं होने के कारण लोगों ने विरोध का रास्ता अपनाया और सब स्टेशन पर ताला लगाकर विभाग का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश की।
सूचना मिलते ही पहुंचे अधिकारी और पुलिस
सब स्टेशन पर ताला लगाए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। काफी देर तक चली वार्ता के बाद ग्रामीणों ने विरोध समाप्त करते हुए सब स्टेशन का ताला खोल दिया।
रात की बिजली व्यवस्था पर उठाए सवाल
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि रात में बिजली लाइन में खराबी आने पर मरम्मत के लिए पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं रहते। ऐसे में छोटी तकनीकी दिक्कत भी कई घंटों तक बनी रहती है, जिसका सीधा असर आम लोगों के दैनिक जीवन पर पड़ता है। ग्रामीणों ने मांग की कि रात के समय भी पर्याप्त स्टाफ की तैनाती की जाए ताकि बिजली आपूर्ति जल्द बहाल हो सके।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने साफ कहा कि यदि आने वाले दिनों में बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे आसपास के गांवों के लोगों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। उनका कहना है कि फिलहाल अधिकारियों के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त किया गया है, लेकिन यदि वादे पूरे नहीं हुए तो विरोध और तेज किया जाएगा।












