हरियाणा में मानसून का मेगा धमाका, हरियाणा में मानसून ने आखिरकार रफ्तार पकड़ ली है। पिछले कुछ दिनों से धीमी चाल से आगे बढ़ रहा दक्षिण-पश्चिम मानसून अब प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले 72 घंटे हरियाणा के लिए काफी अहम रहने वाले हैं।
कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस और भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
4 दिन बाद फिर सक्रिय हुआ मानसून, कई जिलों में बदला मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार चार दिनों की सुस्ती के बाद मानसून ने दोबारा गति पकड़ ली है। मानसूनी सिस्टम आगे बढ़ते हुए हरियाणा के बड़े हिस्से तक पहुंच चुका है।
इसके प्रभाव से प्रदेश के उत्तर, दक्षिण और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। अगले दो से तीन दिनों तक बादलों की आवाजाही बनी रहने और कई स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है।
इन जिलों में भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर
मौसम विभाग ने पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, जींद सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना जताई है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।
गुरुग्राम में सबसे ज्यादा बरसे बादल, कई इलाकों में जलभराव

पिछले 24 घंटों के दौरान गुरुग्राम प्रदेश का सबसे अधिक बारिश वाला जिला रहा। यहां करीब 80 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया और लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने और सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। करनाल में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि यमुनानगर, पलवल, अंबाला और जींद में भी मानसून ने अच्छी दस्तक दी।
तापमान में आई गिरावट, गर्मी से मिली राहत
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई जिलों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। गुरुग्राम में अधिकतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे मौसम काफी सुहावना हो गया। हालांकि पश्चिमी हरियाणा के कुछ हिस्सों, खासकर सिरसा में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून पूरी तरह सक्रिय होने के बाद तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
अगले 72 घंटे क्यों हैं महत्वपूर्ण?
मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन दिनों तक हरियाणा के अधिकांश जिलों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। कई स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली चमकने की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने और मौसम विभाग की ताजा एडवाइजरी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए जारी हुई नई एडवाइजरी
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम के अनुसार खेती करने की सलाह दी है। धान की रोपाई करने वाले किसान बारिश का लाभ उठाकर रोपाई का कार्य जारी रख सकते हैं, लेकिन पौधों को अधिक गहराई तक लगाने से बचें। कपास की फसल वाले किसानों को खेतों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए, क्योंकि जलभराव से फसल को नुकसान पहुंच सकता है। वहीं बाजरा और ग्वार की बुवाई करने वाले किसानों को लगातार बारिश के दौरान नई बुवाई टालने की सलाह दी गई है। सब्जियों और बागवानी फसलों में भी फिलहाल सिंचाई और उर्वरकों का प्रयोग सीमित रखने की सलाह दी गई है।
यात्रा से पहले मौसम जरूर देखें
लगातार बारिश के कारण कई शहरों में ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। ऐसे में जरूरी काम होने पर ही घर से निकलें और जलभराव वाले रास्तों से बचें। वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने और मौसम खराब होने पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बारिश से राहत भी, चुनौती भी
मानसून की सक्रियता ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं तेज बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव और यातायात की समस्या भी सामने आने लगी है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि मानसून की यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले दिनों में पूरे हरियाणा में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी, जिससे खेती और जल स्रोतों को भी बड़ा फायदा होगा।













