शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

आखिर क्यों बारिश में फिर डूबीं रेवाड़ी की सड़कें? तैयारियों पर उठे सवाल, व्यवस्थाएं हुई फेल

Written by: सुनील चौहान

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रेवाड़ी: रेवाड़ी में मानसून की बारिश ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी। बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख बाजार, सड़कें, अंडरपास और रिहायशी…


आखिर क्यों बारिश में फिर डूबीं रेवाड़ी की सड़कें
आखिर क्यों बारिश में फिर डूबीं रेवाड़ी की सड़कें
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रेवाड़ी: रेवाड़ी में मानसून की बारिश ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी। बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख बाजार, सड़कें, अंडरपास और रिहायशी इलाकों में जलभराव हो गया। मानसून से पहले प्रशासन की ओर से नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावे किए गए थे, लेकिन बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भरने से इन तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं।

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कहां-कहां सबसे ज्यादा जलभराव हुआ?

सब्जी मंडी, रेलवे स्टेशन, सिविल अस्पताल, मुख्य बाजार, मॉडल टाउन, हुडा सेक्टर, रेलवे रोड, सरकुलर रोड, नाईवाली चौक, महाराणा चौक (बावल रोड), ब्रॉस मार्केट और एसडीएम आवास के आसपास के क्षेत्रों में पानी भर गया। कई स्थानों पर लोगों को पैदल निकलने में भी परेशानी हुई, जबकि वाहन चालकों को लंबे जाम और धीमी आवाजाही का सामना करना पड़ा।

डबल फाटक अंडरपास क्यों बना सबसे बड़ी परेशानी?

डबल फाटक अंडरपास में करीब चार से पांच फीट तक पानी भर गया, जिससे कई कॉलोनियों की आवाजाही प्रभावित हुई। लोगों को दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थान पर हर मानसून के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है।

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रेलवे रोड और बाजारों पर क्या पड़ा असर?

रेलवे रोड पर जलभराव के कारण कई दुकानदारों को अपनी दुकानों के सामने बैरिकेड्स लगाने पड़े। मुख्य बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही कम रही, जिससे व्यापार भी प्रभावित हुआ। वहीं कई दोपहिया और चारपहिया वाहन पानी में फंसते दिखाई दिए।

कैसे बढ़ सकता है डेंगू और दूसरी बीमारियों का खतरा?

कई इलाकों में नालों का पानी भी सड़कों पर आ गया। लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे हालात में डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए प्रभावित क्षेत्रों से जल्द पानी निकालना और नियमित सफाई कराना जरूरी माना जा रहा है।

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लोग क्या मांग कर रहे हैं?

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल मानसून से पहले तैयारियों के दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की समस्या फिर सामने आ जाती है। लोगों की मांग है कि जल निकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत किया जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि हर बारिश में ऐसी परेशानी दोबारा न हो।

सुनील चौहान
About the Author सुनील चौहान

सुनील चौहान Best24News के संस्थापक एवं वरिष्ठ संपादक हैं। उन्हें रेवाड़ी, धारूहेड़ा और हरियाणा की स्थानीय पत्रकारिता का लगभग 10 वर्षों का अनुभव है। वे पहले दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, हरिभूमि और अमर उजाला जैसे समाचार संस्थानों से जुड़े रहे हैं। वे राजनीति, अपराध, प्रशासन, शिक्षा, रोजगार और स्थानीय जनसमस्याओं से जुड़ी खबरों के संपादन एवं प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यात्मक, निष्पक्ष और विश्वसनीय समाचार पहुंचाना है। View all posts by सुनील चौहान →

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