Rewari crime: रेवाड़ी में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आईजीपी साउथ रेंज की स्पेशल टीम ने बावल में करीब 8 लाख की कीमत की अवैध शराब पकडी है। पुलिस ने इस कार्रवाई के चलते 177 पेटी अवैध शराब और बीयर से भरी एक बंद बॉडी पिकअप गाड़ी जब्त लिया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ड्राइवर अविनाश (निवासी: गांव फिदेड़ी) को मौके से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को माननीय कोर्ट में पेश करने के बाद दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
शराब तस्कर मास्टर माइंड की गिरफ्तारी बनी चुनोती
भले ही आईजी ओम प्रकाश नरवाल के निर्देशन में स्पेशल स्टाफ ने गांव फिदेड़ी निवासी अविनाश को शराब से भरी केंटर के साथ काबू कर लिया हो लेकिन धारूहेड़ा से लोड करवाकर बावल पहुंचाने की योजना बनाने वालो मास्टर माइंड की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। सवाल यह है ये कोई नया खेल नहीं है। पुलिस से सूत्र कमजोर हो चुके तो आये दिन अवैध की बिक्री धडल्ले से जार है।

तलाशी में मिली 177 पेटी अवैध शराब और बीयर
केंटर को जब् करते जब चेकिंग की पुलिस की नींद उड गई। जब गाडी को पीछे डाला खोला तो उसमें बड़ी मात्रा में शराब और बीयर की पेटियां बरामद हुईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत आबकारी विभाग (Excise Department) के इंस्पेक्टर को मौके पर बुलाकर पेटियों की गिनती कराई। केंटर में 90 पेटी विभिन्न नामी ब्रांड की बीयर व 87 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई।
आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने कुल 177 पेटी अवैध शराब और बीयर सहित पिकअप गाड़ी को अपने कब्ज़े में ले लिया है। आरोपी चालक शराब के परिवहन से जुड़ा कोई भी वैध लाइसेंस या परमिट पेश नहीं कर सका, जिसके बाद बावल थाना पुलिस ने आबकारी अधिनियम (Excise Act) के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बता दे कि अवैध शराब तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस और सीएम फ्लाइंग/स्पेशल स्टाफ की टीम को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान करीब 8 लाख रुपये मूल्य की अवैध अंग्रेजी शराब और बीयर से भरी एक बंद बॉडी पिकअप गाड़ी को ज़ब्त किया है। हालांकि, इस पूरे खेल का मास्टर माइंड और मुख्य शराब तस्कर की गिरफ्तारी अब पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है
रिमांड में होगा खुलासा
थाना बावल पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि अवैध शराब कहां से लाई गई थी, इसकी सप्लाई कहां होनी थी और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।













