धारूहेड़ा (रेवाड़ी)। औद्योगिक कस्बे धारूहेड़ा के निकटवर्ती गांव डूंगरवास के दो होनहार बच्चों ने देश की प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET) में शानदार सफलता हासिल की है। गांव मे रहने वाले पीयूष और नितिशा ने इस कठिन परीक्षा को उत्तीर्ण कर यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण अंचल की प्रतिभाओ की कमी नहीं हैं। इस दोहरी सफलता के बाद से ही डूंगरवास सहित आसपास के तमाम गांवों में खुशी और जश्न का माहौल है।
पीयूष ने 720 में से 605 अंक पाकर लहराया परचम

गांव के होनहार छात्र पियूष ने नीट परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 720 में से 605 अंक प्राप्त किए हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उन्होंने अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे विद्यालय का भी मान बढ़ाया है।
पियूष ने अपनी इस बड़ी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों के सही मार्गदर्शन व कठिन परिश्रम को दिया। पियूष के पिता राज कुमार ने खुशी जताते हुए कहा कि बेटे की यह उपलब्धि यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो सफलता के लिए बड़े शहरों में जाना जरूरी नहीं है, गांव में रहकर भी इतिहास रचा जा सकता है।
नितिशा ने 587 अंक हासिल कर पूरा किया सपना

इसी गांव की एक और होनहार छात्रा नितिशा ने भी नीट परीक्षा में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 720 में से 587 अंक प्राप्त कर मेडिकल कॉलेज का अपना रास्ता साफ कर लिया है।
ग्रामीण व सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप पंच ने बताया कि नितिशा ने बचपन से ही डॉक्टर बनने का सपना देखा था, जिसे उसने अपनी कड़ी मेहनत, नियमित अध्ययन और अनुशासित तैयारी के बल पर सच कर दिखाया है।
बधाई देने वालों का लगा तांता
एक ही गांव से दो डॉक्टरों की नींव डलने की खबर मिलते ही डूंगरवास में बधाई देने वालों का तांता लग गया। इस पावन अवसर पर प्रदीप पंच, विनय, प्रकाश, दिनेश, रितेश, रामहेर, मोहर सिंह और विजय सहित अनेक वरिष्ठ ग्रामीणों ने पीयूष और नितिशा के घर पहुंचकर उन्हें मिठाई खिलाई और दोनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।













