रेवाड़ी: शहर के हंस नगर इलाके में 5 जुलाई को हुए दर्दनाक विस्फोट की असली वजह अब तक सामने नहीं आ सकी है। शुरुआती जांच में गैस से हादसे की आशंका जताई गई है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि रिसाव आईजीएल की पाइपलाइन से हुआ या किसी अन्य स्रोत से। पुलिस और जांच एजेंसियां अब फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं, जिसके बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों से पर्दा उठने की उम्मीद है।
दो जिंदगियां बुझीं, एक परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे ने एक परिवार की खुशियां पलभर में छीन लीं। गंभीर रूप से झुलसी 25 वर्षीय तन्नु ने इलाज के दौरान 9 जुलाई को दम तोड़ दिया, जबकि उनके पिता और सेवानिवृत्त नायब सूबेदार सतबीर चौहान ने 11 जुलाई को अंतिम सांस ली। परिवार के लिए यह सदमा इसलिए भी बड़ा था क्योंकि कुछ ही महीनों बाद तन्नु की शादी तय थी और घर में तैयारियां चल रही थीं।
शादी की तैयारियां मातम में बदलीं
परिजनों के अनुसार तन्नु का विवाह 25 नवंबर को होना था। लेकिन शादी की खुशियां देखने से पहले ही परिवार पर ऐसा हादसा टूट पड़ा जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। भाई को 26 घंटे के भीतर पहले बहन और फिर पिता की अंतिम विदाई देनी पड़ी।
सुरक्षित मिले सिलेंडर, बढ़ा रहस्य
जांच के दौरान घर में रखे तीनों एलपीजी सिलेंडर सुरक्षित पाए गए। इतना ही नहीं, गैस पाइपलाइन और कई घरेलू उपकरणों में भी कोई स्पष्ट क्षति नहीं मिली। यही वजह है कि विस्फोट की वजह को लेकर जांच एजेंसियां किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही हैं।
हादसे में पांच लोग हुए थे घायल
विस्फोट के समय घर में मौजूद सतबीर चौहान, उनकी बेटी तन्नु, पत्नी मधु, परिवार की दो वर्षीय बच्ची और पड़ोसी सीआरपीएफ जवान जयभगवान झुलस गए थे। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां पिता और बेटी की जान नहीं बचाई जा सकी। अन्य घायलों का उपचार जारी है।
प्रत्यक्षदर्शी पत्नी ने बताया हादसे का पल
पुलिस को दिए बयान में मधु ने बताया कि वह रसोई में काम कर रही थीं। तभी अचानक तेज धमाके की आवाज आई। बाहर पहुंचने पर उन्होंने पति, बेटी, बच्ची और पड़ोसी को गंभीर रूप से झुलसा हुआ देखा। उन्हें बचाने के प्रयास में वह स्वयं भी आग की चपेट में आ गईं। आसपास के लोगों ने सभी को अस्पताल पहुंचाया।
कर्मचारियों पर दर्ज हो चुका है मामला
हादसे के बाद परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित गैस कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सभी तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है और संबंधित अधिकारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
एफएसएल रिपोर्ट के बाद ही होगा अंतिम खुलासा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक की जांच गैस से जुड़े कारणों की ओर इशारा करती है, लेकिन यह तय नहीं किया जा सकता कि विस्फोट किस स्रोत से हुआ। फोरेंसिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही जांच की दिशा और जिम्मेदारी तय होगी। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।











