Damaged Notes Exchange मौजूदा समय में 102050100 और 500 रुपये के नोटों का इस्तेमाल किया जाता है। ये नोट एक खास तरह के कागज से बनाए जाते हैं। कागज से बनने होने के कारण इनके कटने या खराब होने का डर सबसे ज्यादा होता है। अगर आपके जेब पर पड़ा नोट खराब हो गया है तो इसे आसानी से बदला जा सकता है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब कटे-फटे कागजी नोटों के निपटान को और अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में काम कर रहा है. इसके लिए RBI ने एक नई योजना के तहत पुराने नोटों का इस्तेमाल लकड़ी के बोर्ड (पार्टिकल बोर्ड) बनाने में करने की प्रक्रिया शुरू की है. इस काम के लिए ऐसे निर्माताओं को पैनल में शामिल किया जाएगा, जो इस प्रकार के बोर्ड तैयार करते हैं.
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) आम जनता से वापस लिए गए कटे-फटे और पुराने नोटों को रीसाइकिल करके उनका इस्तेमाल ब्रिकेट्स (ईंधन के रूप में), राइटिंग पैड, या सजावटी सामान बनाने में करता है । इसके लिए आरबीआई की रीसाइक्लिंग मशीनें पुराने नोटों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर नष्ट करती हैं और फिर उन्हें प्रोसेस किया जाता है।
बैंकों में बदले जाते हैं कटे-फटे नोटआरबीआई के ‘क्लीन नोट पॉलिसी’ के तहत, यदि आपके पास कोई गंदा या कटा-फटा नोट है, तो आप उसे किसी भी सरकारी बैंक या करेंसी चेस्ट वाली प्राइवेट बैंक शाखा में जाकर आसानी से बदलवा सकते हैं ।नोट बदलने के नियम: नोट का कम से कम 50% भाग सुरक्षित होना चाहिए और उसका सीरियल नंबर स्पष्ट दिखना चाहिए ।
फटे हुए नोट अगर दो हिस्सों में हैं, तो दोनों को साथ ले जाना आवश्यक है ।
नियम के अनुसार, यदि नोट का आकार 65% से ज़्यादा सुरक्षित है तो पूरा पैसा वापस मिलता है, जबकि 40% से 65% के बीच सुरक्षित रहने पर आधा मूल्य मिलता है । : एक व्यक्ति एक बार में काउंटर से अधिकतम 20 नोट या ₹5000 तक के नोट मुफ्त बदलवा सकता है ।
कौन-से नोट बदले जा सकते हैं?
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार अगर नोट में ज्यादा खराबी नहीं है। नोट ठीक-ठाक हालात में है। तो इन्हें Soiled Note के अंतर्गत रखा जाता है। ये नोट किसी बैंक के पास जाकर आसानी से बदले जा सकते हैं। इसके लिए कोई चार्ज या शुल्क नहीं देना होगा।
हर साल 15,000 टन खराब नोट हो रहे हैं बेकार
RBI की 2024-25 की सालाना रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर साल लगभग 15,000 टन कटे-फटे नोटों या ब्रिकेट (note fragments से बने ब्लॉक) का उत्पादन होता है. इनका अब तक जमीन में भराव या जलाने के रूप में निपटान होता था. जो पर्यावरण के लिए अनुकूल नहीं माना जाता. अब RBI हरित विकल्पों (Green Solutions) की ओर बढ़ रहा है.
नोट छपाई का खर्च 25% बढ़कर पहुंचा 6,372 करोड़
साल 2024-25 में बैंक नोट छापने पर खर्च करीब 25 प्रतिशत बढ़कर 6,372.8 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले वर्ष 5,101.4 करोड़ रुपये था. इस दौरान देश में प्रचलन में मौजूद नोटों की संख्या और मूल्य क्रमश: 5.6% और 6% बढ़े हैं. 500 रुपये के नोटों की हिस्सेदारी अब भी सबसे अधिक है, जो मूल्य के अनुसार 86 प्रतिशत है. हालांकि इसमें मामूली गिरावट दर्ज की गई है.
देश की युवा पीढ़ी तेजी से अपना रही है UPI
भारत की 15-29 वर्ष की आयु के अधिकांश युवा अब डिजिटल बैंकिंग की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं. सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा जारी ‘व्यापक मॉड्यूलर सर्वेक्षण: दूरसंचार-2025’ के अनुसार इस आयु वर्ग के लगभग 99.5% युवा अब UPI के जरिए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने में सक्षम हैं.
सर्वे में यह भी सामने आया कि:
97.1% युवा पिछले 3 महीनों में मोबाइल फोन का उपयोग कर चुके हैं.
ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा 96.8% और शहरी इलाकों में 97.6% है.
ग्रामीण क्षेत्रों में 95.5% युवाओं के पास स्मार्टफोन है. जबकि शहरी क्षेत्रों में यह आंकड़ा 97.6% तक पहुंच गया है.
यह दर्शाता है कि डिजिटल पहुंच तेजी से गांवों तक फैल रही है.
तेजी से बढ़ा ई-रुपये का उपयोग
देश में डिजिटल करेंसी (CBDC या ई-रुपया) का उपयोग भी अब रफ्तार पकड़ चुका है. RBI की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 तक ई-रुपया का मूल्य बढ़कर 1,016 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल मात्र 234 करोड़ रुपये था.
इसके अलावा, सीमापार भुगतान (cross-border payments) में CBDC के उपयोग की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है. हालांकि RBI ने इसकी कोई समयसीमा घोषित नहीं की है.
क्या स्क्रिबल्ड / दागदार (रंगीन दाग सहित) नोट वैध मुद्रा हैं?
स्क्रिबलिंग / दाग (रंगीन दाग सहित) वाले सभी बैंक नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। हालांकि, ऐसे नोट उपयोग के लिए अनुपयुक्त हैं और इन्हें किसी भी बैंक शाखा में जमा या विनिमय किया जा सकता है।
बैंकों द्वारा विनिमय के लिए नोटों को स्वीकार न करने के खिलाफ शिकायत कहां की जा सकती है?

बैंकों द्वारा प्रदान की गई सेवा से असंतुष्ट और संबंधित शिकायत का समाधान ग्राहकों की संतुष्टि के अनुसार न होने या बैंक द्वारा 30 दिनों की अवधि के भीतर उत्तर न दिए जाने पर, शिकायतकर्ता “रिजर्व बैंक – एकीकृत लोकपाल योजना, 2021” के अंतर्गत आरबीआई लोकपाल से संपर्क कर सकते हैं। शिकायतें https://cms.rbi.org.in पर ऑनलाइन और समर्पित ई-मेल यानी CRPC@rbi.org.in के माध्यम से भी दर्ज की जा सकती हैं या भारतीय रिजर्व बैंक, चौथी मंजिल, सेक्टर 17, चंडीगढ़ – 160017 में स्थापित “केंद्रीकृत प्राप्ति एवं प्रसंस्करण केंद्र” को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रमाण के रूप में बैंक/डाक रसीदों के साथ भौतिक रूप से भेजी जा सकती हैं।
अत्यंत भंगुर/जले/जले/फटे हुए नोट कहां बदल सकते हैं?
यदि कोई नोट अत्यधिक भंगुर हो गया है या बुरी तरह जल गया है, झुलस गया है या अन्य नोटों के साथ अविभाज्य रूप से फंस गया है और आगे उपयोग में नहीं लाया जा सकता है, तो बैंक शाखाओं द्वारा उसे बदलने के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसे भारतीय रिज़र्व बैंक के निकटतम निर्गम कार्यालय में प्रस्तुत किया जा सकता है।
बैंक के मना करने पर क्या करें?
आरबीआई का नियम कहता है कि कोई भी बैंक नोट को बदलने से माना नहीं कर सकता। अगर ऐसा कोई बैंक करता है तो आप आरबीआई को इस बारे में शिकायत कर सकते हैं।














