धारूहेड़ा: औद्योगिक कस्बा धारूहेड़ा नगर पालिका जिला उपायुक्त के आदेशों को किस कदर ठेंगा दिखा रही है, जिसमें मानसून और बारिश से पहले सभी बड़े नालों की सफाई करने की सख्त हिदायत दी गई थी, इसकी जीती-जागती तस्वीर बास रोड पर देखने को मिल रही है। हर साल मानूसन में नालों की सफाई के नाम लाखों रूपए खर्च किए जाते है लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं होता है।
कस्बे के बास रोड पर स्थित मुख्य नाले की स्थिति को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि यहाँ महीनों या शायद सालों से कोई सफाई कार्य नहीं हुआ है। नाला पूरी तरह अवरुद्ध हो चुका है, जिसके कारण दूषित और बदबूदार पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
कागजों में हो रही नालों की सफाई
हैरानी और सबसे बड़ा सवालिया निशान इस बात पर है कि धारूहेड़ा नगर पालिका में 132 सफाई कर्मचारियों की एक लंबी-चौड़ी फौज तैनात है। इसके बावजूद कस्बे के मुख्य मार्गों के नालों की यह दुर्दशा प्रशासन की नीयत और अधिकारियों की लापरवाही को साफ बयां करती है। कर्मचारियों की इतनी बड़ी संख्या होने के बाद भी जनता को नरकीय जीवन जीने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

सीएम विंडों पर भेजी शिकायत
बास रोड और आसपास के स्थानीय निवासियों में नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। उनका कहना है बिना सफाई के बिल पास करवाने का प्रयास किया जा रहा है। धारूहेड़ा की इस सफाई को लेकर बिल पास हुआ या नहीं इसको लेकर सीएम विंडो पर शिकायत लगाई है।













