
Best 24 News: हरियाणा में अचानक मौसम बदलने से किसानों की परेशानी बढ़ गई। कई जिलों में आसमान में काले बादल छाने के बाद हुई बारिश से जिले की लगभग सभी अनाज मंडियों में खुले में पड़ा धान भीग गया। बारिश इतनी अचानक हुई कि मजदूरों को धान को तिरपाल से ढकने तक का समय नहीं मिला। मजदूर बारिश के बीच ही धान को बचाने की कोशिश करते नजर आए, लेकिन उनकी मेहनत पूरी तरह काम नहीं आई। ऊपर से तिरपाल ढकने के बावजूद नीचे से बारिश का पानी धान तक पहुंचता रहा। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा।
तीन होगी बारिश: हरियाणा में एक बार मौसम बदल गया है। सोमवार सुबह को रेवाड़ी में गरज चमक के साथ बूंदाबांदी से हुई। इससे हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है। पश्चिमी विक्षोभ 13 अक्टूबर को पहाड़ों की तरफ बढ़ने की संभावना है, जिससे 14 से 16 अक्टूबर के दौरान आंशिक बादलवाई तथा हवा व गरजचमक के साथ कहीं कहीं हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। हालांकि इससे किसानों को तो नुकसान नहीं है। लेकिन, व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बूंदाबांदी या वर्षा होने से सरसों बिजाई के लिए फायदा होगा। कई जगह बिजाई हो चुकी है।
रविवार शाम को तेज हवा चलने से मौसम में बदलाव आरंभ हो गया था। सोमवार को सुबह चार बजे से बिजली की गर्जना के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई। इससे सर्दी की शुरुआत होने की संभावना है। गरज चमक के साथ बूंदाबांदी होने से बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई है। रेवाड़ी, धारूहेड़ा व आस पास कई शहरो में सुबह सुबह बारिश हुई।
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खरीद बंद, मंडियों में जारी थी आवक
यमुनानगर में रविवार को छुट्टी की वजह से मंडियों में धान की खरीद बंद थी, लेकिन रोजाना की तरह धान की आवक जारी रही। किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में पहुंच रहे थे। ऐसे में खुले में रखे धान को बारिश से बचाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण बड़ी मात्रा में फसल भीग गई। अचानक हुई बारिश ने मंडियों में धान को सुरक्षित रखने के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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धान को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल का सहारा लिया गया, लेकिन कई जगह यह व्यवस्था नाकाफी साबित हुई। मजदूरों ने आनन-फानन में धान के ढेरों को ढकने का प्रयास किया। इसके बावजूद पानी नीचे से धान में समाता रहा। इससे फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। किसानों को अब धान को सुखाने और सुरक्षित रखने की चिंता सताने लगी है।
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चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण हवा व गरजचमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा हो रही है। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से मौसम में बदलाव आया हुआ है, जिसका प्रभाव 13 अक्टूबर तक रहने की संभावना है। एक और पश्चिमी विक्षोभ 13 अक्टूबर को पहाड़ों की तरफ बढ़ने की संभावना है, जिससे 14 से 16 अक्टूबर के दौरान आंशिक बादलवाई तथा हवा व गरजचमक के साथ कहीं कहीं हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद मौसम खुश्क तथा हवा में बदलाव तथा उत्तर पश्चिमी हवा चलने की संभावना है।
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